अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जासूसी करेंगे मुखबिर
मुजफ्फरनगर। अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जासूसी अब स्वास्थ्य विभाग के मुखबिर करेंगे। डिक्वॉय ऑपरेशन के तहत ये जासूस इच्छानुसार ग्राहक बनकर अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जासूसी में लगेंगे। यदि इन मुखबिरों ने चोरी छिपे लिंग परीक्षण करने वालों को पकड़वाया तो इन्हें इनाम के तौर पर सरकार की ओर से दो लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा। एक जुलाई से जिले में भी पीसीपीएनडीटी के तहत मुखबिर योजना शुरू हो गई है। बस अब स्वास्थ्य विभाग को जासूस बनने वालों को इंतजार है।
सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के घटते हुए बाल लिंगानुपात की रोकथाम के लिए डिक्वॉय ऑपरेशन (इच्छा ग्राहक) संचालित करने को जिले में भी मुखबिर योजना लागू की गई है। योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय डिक्वॉय समिति गठित हुई है, जिसमें अध्यक्ष डीएम तथा सचिव सीएमओ मनोनीत किए गए है। योजना के तहत प्रति डिक्वॉय आपरेशन के लिए पुरस्कार राशि दो लाख रुपये प्रदान की जाएगी, जिसमें मुखबिर को 60000 रुपये, मिथ्या ग्राहक को एक लाख रुपये और मिथ्या ग्राहक के सहायक को 40,000 रुपये दिए जाएंगे। सीएमओ ने डॉ मिश्रा ने बताया कि मिथ्या ग्राहक के लिए सहायक की व्यवस्था भी की गई है, जो डिक्वॉय आपरेशन में स्वतंत्र गवाह की भूमिका भी अदा करेगा। मिथ्या ग्राहक सहायक गर्भवती महिला का सगा संबंधी या अन्य कोई व्यक्ति हो सकता है। डिक्वॉय आपरेशन की पूरी प्रक्रिया के दौरान मुखबिर की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
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