खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गांव कुल्हेड़ी में सफेद रसगुल्ले बनाने की फैक्ट्री पर छापामारी की। यहां पर कुछ लोगों ने टीम और पुलिस का विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती के आगे बेअसर रहे। जद्दोजहद के बीच एक फैक्ट्री से नमूने भरे गए, जबकि दो फैक्ट्री संचालक मौके से फरार हो गए।
होली पर्व को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जगह-जगह छापामारी अभियान चला रही है। बुधवार को आला अफसरों के निर्देश पर चरथावल क्षेत्र में कार्रवाई की गई। टीम ने पुलिस फोर्स के साथ गांव कुल्हेड़ी में सफेद रसगुल्ला बनाने की फैक्ट्री पर छापा मारा। भनक लगते ही रसगुल्ला बनाने वाले लोगों में अफरातफरी मच गई। मौके पर एक फैक्ट्री से रसगुल्लों के दो सैंपल भरे जा सके, जबकि दो लोग अपने प्रतिष्ठानों पर ताला लगाकर फरार हो गए। गांव कुल्हेड़ी में अरसे से कई फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर सफेद रसगुल्ले बनाने का कारोबार चल रहा है। यह रसगुल्ले जनपद के साथ अन्य कई क्षेत्रों में सप्लाई किए जाते हैं। हालांकि यह गुणवत्ता पर कितने खरे हैं, इसकी तस्दीक करने में विभाग अभी तक पीछे रहा है। इन फैक्ट्रियों में छापे की कार्रवाई की खानापूर्ति कर लौट आती है, जबकि मानक के विपरीत संचालित इन फैक्ट्रियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बताते हैं गांव में सैंपल भरने को लेकर टीम और पुलिस का विरोध किया गया। पुलिस के साथ फैक्ट्री संचालकों की नोकझोंक भी हुई। किसी प्रकार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नमूने भरे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के डीओ विनीत कुमार ने बताया कि चरथावल क्षेत्र में खाद्य वस्तुओं के नमूने भरने के आला अधिकारियों ने निर्देश दिए थे, इसको लेकर कार्रवाई की गई। गांव में टीम के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई है। विभागीय कर्मचारियों ने सहूलियत से नमूने भरकर प्रयोगशाला भेजे हैं। कार्रवाई की सूचना फैक्ट्री संचालकों को पहले ही लग चुकी थी, जिसके चलते वह फरार होने में कामयाब रहे। उधर, इंस्पेक्टर जीसी शर्मा ने बताया कि एक फैक्ट्री से सैंपल लिया गया है, टीम के साथ कोई बदसलूकी या अप्रिय घटना हुई है, इसकी जानकारी नहीं है। मामले को लेकर टीम ने थाने में कोई एफआईआर नहीं कराई है।