मुजफ्फरनगर नगरपालिका को लगाई 1.08 करोड़ की चपत
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका को 35 टिपर वाहनों की सप्लाई का टेंडर हासिल करने के बाद एक कंपनी पूरा भुगतान हासिल करने के बाद मात्र 11 वाहनों को डिलीवर कर गायब हो गई। जांच में कंपनी के सभी प्रपत्र भी फर्जी पाए गए। मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से कंपनी के खिलाफ शहर कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
नगरपालिका द्वारा वर्ष 2019-20 में 35 टिपर वाहनों की खरीद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसमें दस कंपनियों ने वाहन आपूर्ति के लिए निविदा डाली थी, जिनमें से शहर के उत्तरी सिविल लाइन, साकेत रोड स्थित मैसर्स गोल्डन ट्राइंगल्स सर्विसेज नामक कंपनी के प्रोपराइटर अंबरीश कुमार की कंपनी को वाहन आपूर्ति के लिए चुना गया। इसका अनुबंध सात फरवरी 2020 को तैयार किया गया, जिसके तहत कंपनी को छह मार्च 2020 तक नगरपालिका को सभी 35 वाहन डिलीवर करने थे।
अनुबंध के बाद नगरपालिका ने कंपनी को 1.20 करोड़ 31 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। कंपनी ने नगरपालिका को 11 टिपर वाहन डिलीवर कर दिए। इसके बाद पालिका ने कंपनी को 37 लाख 81 हजार 211 रुपये का फिर से भुगतान कर दिया गया। इसके बाद कंपनी बिना वाहन डिलीवरी दिए ही गायब हो गई। इस पर नगरपालिका द्वारा डीएम से इसकी शिकायत की गई, जिसके बाद कंपनी की जांच शुरू हुई तो पता चला कि उसके द्वारा जो कागजात निविदा हासिल करने के लिए लगाए गए, वे सभी फर्जी थे।
इसके अलावा, कंपनी ने गत दो वर्षों से न तो किसी तरह की जीएसटी रिटर्न फाइल की और न ही किसी तरह की खरीद-फरोख्त ही की। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद डीएम के आदेश पर सोमवार देर रात नगरपालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अतुल कुमार ने शहर कोतवाली में मैसर्स गोल्डन ट्राइंगल्स सर्विसेज व उसके प्रॉपराइटर अंबरीश कुमार के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।