समाजवादी पार्टी में आजम खां को मुसलिम समाज का चेहरा माना जाता है। सपा मुखिया के साथ मंच पर आजम का होना आम बात है, लेकिन पिछले कुछ समय से यह तस्वीर बदल रही है। आजम की जगह अहमद हसन लेने लगे हैं।
आजम खां कैबिनेट की बैठकों से गायब रह रहे हैं। पिछले छह महीने में उन्हें महज एक बार मुख्यमंत्री के बराबर में बैठे देखा गया। सपा के पिछले राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन में भी वह दूर ही थे। आखिरी दिन कुछ समय के लिए वे मंच पर आए थे।
विधानसभा चुनाव के बाद भी उनकी नाराजगी की खबरें आई थीं। अब आजम के खाली स्थान को अहमद हसन भरने लगे हैं।
आगरा में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अहमद हसन सपा मुखिया और मुख्यमंत्री के साथ मंच पर थे। जबकि बैठक से पहले आजम की कुर्सी मंच पर लगी हुई थी।
बैठक के समापन पर प्रेसवार्ता के दौरान भी अहमद हसन को सपा मुखिया और मुख्यमंत्री के साथ स्थान देकर शायद यही संकेत दिया गया।