उत्तर प्रदेश में ब्रजेश सिंह के चचेरे भाई सतीश सिंह की हत्या की साजिश मुन्ना बजरंगी ने रची थी। उसने ही अजय खलनायक पर भी हमला करवाया था। ये खुलासे पुलिस की तफ्तीश में हुए हैं।
पुलिस का मानना है कि जमीन फर्जीवाड़े में खुद और पत्नी समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से मुन्ना बजरंगी बौखलाया हुआ है। जिला पुलिस को चुनौती देने के लिए उसने इन आपराधिक घटनाओं की साजिश रची।
इन बातों की पुष्टि मोबाइल कॉल डिटेल से हुई है। एसएसपी अजय कुमार मिश्रा ने भी स्वीकार किया है कि मुन्ना बजरंगी बीकेडी को मोहरा बनाकर अपना मतलब सिद्ध कर रहा है। इससे गैंगवार को हवा मिल रही है।
बजरंगी ने कुछ माननीयों से संपर्क कर एसएसपी की शिकायत मुख्यमंत्री तक कराई। वह एसएसपी का तबादला करवाना चाहता था, लेकिन उसकी दाल नहीं गल सकी।
पुलिस अधिकारियों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और बजरंगी गैंग पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसएसपी अजय कुमार मिश्रा के कैंट स्थित कैंप कार्यालय में 22 अप्रैल को व्यवसायी सदानंद सिंह ने पहुंचकर आरोप लगाया था कि जमीन के मामले में मुन्ना बजरंगी गैंग उससे एक करोड़ रुपये गुंडा टैक्स मांग रहा है।
अगले दिन शिवपुर बाईपास की प्रेमा देवी ने भी इसी गैंग पर फर्जीवाड़ा कर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया था। दोनों की शिकायत पर 24 अप्रैल को शिवपुर पुलिस ने मुन्ना बजरंगी, उसकी पत्नी, साले समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
अगले दिन ही बीकेडी गैंग ने एक सिम एक्टीवेट कराया था। इसकी कॉल डिटेल से अजय खलनायक पर हमले की योजना में बजरंगी गैंग का भी हाथ होने का पता चला। यह हमला चार मई को हुआ था।
इसी प्रकार तीन जुलाई को धौरहरा में सतीश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों घटनाओं को बजरंगी के इशारे पर अंजाम दिया गया था।
पता चला है कि शासन स्तर पर दबाव डलवाकर बजरंगी गैंग ने शिवपुर में दर्ज मुकदमे की जांच दूसरी एजेंसी को स्थानांतरित करवा दी थी।
एसएसपी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरी बात बताई तो मुकदमे की जांच जिला पुलिस द्वारा कराने पर सहमति बनी। इसकी भनक बजरंगी गैंग को किसी प्रकार लग गई थी।