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'कारगिल' बयान पर मुलायम-अखिलेश के बदले सुर

Fri, 11 Apr 2014 07:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा, रामपुर, नई दिल्ली
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कारगिल युद्ध के मामले पर चुनाव के दौरान प्रदेश नगर विकास मंत्री आजम खां द्वारा दिए गए विवादित बयान का मुलायम ने खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सन 1965 में पाकिस्तान से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अब्दुल हमीद ने निभाई थी वह गाजीपुर का रहने वाला था।
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पाकिस्तान से लड़ाई में बम लेकर कूद गया था अब्दुल हमीद और अपनी जान गवां दी थीं। वह भी तो मुसलमान था। देश की रक्षा के लिए मिसाइल बनाने वाला कौन था वह भी तो मुस्लिम एपीजे अब्दुल कलाम थे।

देश भक्ति में मुसलमान पीछे नहीं हैं, लेकिन आज आजम खां ने कह दिया तो हंगामा किया जा रहा है। हमीद की लखनऊ कैंट में मूर्ति लगी है, उसे देश भक्त के तौर पर याद किया जाता है। आजम खां जो कह रहे हैं वह सही है।
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पहले कहा गलत, अब अखिलेश ने किया बचाव

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने कैबिनेट मंत्री आजम खान के कारगिल पर दिए गए बयान को गलत बताया था। मीडिया से रूबरू मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा था कि कारगिल युद्ध में किसी वर्ग विशेष के सैनिकों का नहीं, सभी सैनिकों का संयुक्त योगदान था।

आजम के उस बयान के मुद्दे पर आज रामपुर में उन्होंने कहा कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।

गाजियाबाद में एक भाषण के दौरान आजम खां ने कहा था कि कारगिल युद्ध में मुस्लिम शहीदों ने जीत दिलाई थी। उसके बाद से ही यह मुद्दा चुनावी ‘हाट केक’ की तरह सियासी मंचों पर गूंज रहा है।
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'आजम जवाब दें, नहीं तो की जाएगी कार्रवाई'

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री आजम खां को उनके विभिन्न बयानों व भाषणों केबारे में मिली शिकायतों को प्रथम दृष्टया आचार संहिता के उल्लंघन का मामला मानते हुए उनसे नोटिस का जवाब 11 अप्रैल तक देने को कहा है।

आयोग ने नौ अप्रैल को आजम खां को भेजी गई एक नोटिस में भाजपा तथा गाजियाबाद व रामपुर जिला प्रशासन की ओर से मिली शिकायतों के आधार पर नोटिस भेजा है। आयोग ने पांच अप्रैल को रामपुर में मोदी को कुत्ते के बच्चे का बड़ा भाई कहने, सरकारी कर्मचारियों को 17 मई के बाद की धमकी देते हुए हद में रहने की चेतावनी देने तथा रामपुर में ही मोदी को गुंडा नम्बर वन कहने संबंधी बयान को गंभीर माना है।

जिला प्रशासन की ओर से आजम खां के गाजियाबाद के मसूरी में दिया गया वह बयान भी मिला है जिसमें उन्होंने कारगिल युद्ध के बहाने सेना में हिंदू मुस्लिम केआधार पर भेदभाव किया था। मसूरी के भाषण में भी उन्होंने मोदी पर मुसलमानों को कुत्ता का बच्चा कहने का आरोप लगाया था। आयोग के अनुसार प्रथम दृष्टया यह सारे बयान में आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बनता है। आयोग ने 11 अप्रैल शाम पांच बजे तक आजम खां से जवाब देने को कहा है। जवाब नहीं मिलने पर आयोग ने इकतरफा कार्रवाई किये जाने की भी चेतावनी दी है।
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