भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के हाईटेक चुनाव प्रचार की कमान संभालने वाली टीम में इसरो के वैज्ञानिक से लेकर कोल इंडिया के सेवानिवृत्त जीएम तक शामिल हैं।
मुंबई के एक आईटी संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर दो महीने का अवकाश लेकर काशी आ गए हैं, ताकि वे यहां के आईटी सेल की कमान संभाल सकें। 20 हजार आईटी विशेषज्ञों की वालेंटियर्स फोर्स देश भर में मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के नारे को साकार करने के लिए तैनात कर दी गई है।
मोदी के नेतृत्व में चुनावी नैया पार लगाने के लिए भाजपा प्रचार के अत्याधुनिक तरीकों के इस्तेमाल में जुट गई है। इसके लिए पहली बार तकनीकी क्षेत्र के विशेषज्ञों को तरजीह दी गई है।
देशभर में प्रचार के लिए आईटी सेल
खास तौर से देशभर में प्रचार के लिए गठित आईटी सेल में एक से एक महारथी शामिल किए गए हैं। पश्चिम क्षेत्र के आईटी सेल की कमान इसरो के वैज्ञानिक रहे सुधीर गौतम को दी गई है। मथुरा-अलीगढ़ का जिम्मा कोल इंडिया के जीएम पद से वीआरएस (स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति) लेकर आए अजय कुमार सिंह को दिया गया है।
इसी तरह बृज क्षेत्र के आईटी प्रचार सेल के सह संयोजक का दायित्व एक मल्टी नेशनल कंपनी के एशिया हेड रहे विष्णु ठाकुर संभाल रहे हैं। नेवी के सेवानिवृत्त अधिकारी शैलेश कुमार पांडेय को काशी क्षेत्र के आईटी सेल की जिम्मेदारी दी गई है। मुंबई के एक आईटी संस्थान में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर तैनात डॉ. गिरीश दो महीने का अवकाश लेकर काशी आए हैं। यहां वे आईटी रूम के संचालन में अपना योगदान देंगे।
भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के यूपी हेड करुणेश शर्मा ने गुरुवार को अमर उजाला से बातचीत में प्रचार तकनीक की योजना से जुड़े पहलुओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि देश भर में 20 हजार आईटी विशेषज्ञों की वालेंटियर्स फोर्स मोदी प्रचार अभियान को रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ने में जुटी है।
सबसे अहम होगा 32 नंबर फ्लैट
मोदी के चुनाव प्रचार के लिए गठित आईटी सेल में 20 कंप्यूटर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, करीब पांच सौ लोग क्षेत्र में लैपटॉप के साथ इस आईटी के वार रूम से जुड़े रहेंगे। सिगरा स्थित स्वास्तिक सेवाश्रम में खोले गए मोदी के केंद्रीय चुनाव कार्यालय भवन की तीसरी मंजिल पर 32 नंबर फ्लैट में आईटी सेल खोलने का काम गुरुवार को शुरू हुआ।
रूपेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में आईटी सेल में 250 विशेषज्ञ काम करेंगे। रूपेश ने बताया कि अप्रत्यक्ष रूप से पांच सौ से अधिक वालेंटियर्स लैपटॉप के जरिए फील्ड से जुड़े रहेंगे। हर जगह की सूचनाओं को आईटी सेल के जरिए संबंधित प्रकोष्ठों और जिम्मेदारियां संभालने वाले नेताओं तक पहुंचाया जाएगा।