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अखिलेश से मिलने पहुंचे मुलायम, होगा बड़ा फेरबदल

Wed, 17 Jul 2013 01:51 PM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मंगलवार को राज्यपाल बी एल जोशी से मुलाकात के बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल के बदलाव की चर्चा और गतिविधियां तेज हो गई है।
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह शाम को अचानक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी आवास पर पहुंच गए। पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद हसन और अंबिका चौधरी भी सीएम आवास पहुंच गए।

सपा के वरिष्ठ नेताओं की इस मंत्रणा को बेहद अहम माना जा रहा है। मुलायम सिंह मंगलवार को ही दिल्ली से वापस लौटे हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने खुद ही एक सरकारी कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में बदलाव के संकेत दिए।
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उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए कई बदलाव जरूरी हैं। लोकसभा चुनाव से पहले सपा की जमीन दुरुस्त करने की कवायद के तहत भी मंत्रिमंडल में बदलाव को जरूरी बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के जरिये पार्टी अपने समीकरणों को भी दुरुस्त करने पर निगाह गड़ाए हुए है।

राजभवन ने मुख्यमंत्री की राज्यपाल से मुलाकात को यूं तो शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि अखिलेश ने जोशी से मंत्रिमंडल में फेरबदल समेत कुछ अन्य मुद्दों पर विचार विमर्श किया।

मुख्यमंत्री दोपहर करीब साढे़ बारह बजे राजभवन पहुंचे। वह लगभग 40 मिनट तक वहां रहे। इस दौरान दोनों ने अकेले में बातचीत की। चर्चा है कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच मंत्रिमंडल में फेरबदल के अलावा सूचना आयुक्तों के रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर भी बातचीत हुई है।

युवा चेहरों को मिलेगा मौका
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के मंत्रिमंडल को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री इसमें कुछ कांटछांट और चाहते हैं। खुद मुख्यमंत्री ने कहा कि फेरबदल फायदेमंद होता है। दरअसल, मुख्यमंत्री लोकसभा चुनाव के लिए बचे समय में बेहतर शासन-प्रशासन व बदलाव का संदेश जनता को देना चाहते हैं।

इसके लिए उनके एजेंडे में मंत्रिमंडल में कुछ ऐसे चेहरों को प्रभावी भूमिका में लाने की योजना है जो युवा हों और उनके लिहाज से काम कर सकें। अभी अखिलेश के मंत्रिमंडल में अधिकतर चेहरे ऐसे हैं, जिनके साथ मुख्यमंत्री को प्रभावी तरीके से काम करने में उम्र आड़े आ रही है।

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने इस एजेंडे को हरी झंडी भी दे दी है। अलबत्ता इसका स्वरूप क्या होगा, इसको लेकर कुछ असमंजस है।

अभी इतनी जगह हैं खाली
इसी वर्ष 9 फरवरी को हुए मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्रिमंडल के सदस्यों की संख्या 58 हो गई थी। प्रदेश में विधानसभा के 403 सदस्यों के आधार पर मंत्रिमंडल में 60 लोग मंत्री हो सकते हैं। इस लिहाज से दो स्थान पहले से रिक्त हैं।

कुंडा कांड के चलते रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया का त्यागपत्र हो चुका है। खादी व ग्रामोद्योग मंत्री राजाराम पाण्डेय को भी महिलाओं पर विवादित टिप्पणियों के चलते हटाया जा चुका है।

इस तरह मंत्रिमंडल में चार जगह पहले से रिक्त हैं। इसके अलावा वकार अहमद शाह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। कुछ चेहरों को मंत्री के बजाय दूसरी भूमिकाएं सौंपे जाने की चर्चा हैं। इनके स्थान पर कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

चर्चा यह भी है कि कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 20 से कुछ बढ़ाई जा सकती है तो कुछ राज्यमंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। विभागों में फेरबदल किए जाने की अटकलें है।
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कहा जा रहा है कि कुछ महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे मंत्रियों के पर कतरते हुए उन्हें अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण विभाग थमा दिए जाएं तो राज्यमंत्रियों में शामिल अपने भरोसे के लोगों को मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दे दें।
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