वह घर से निकाल दी गई, फिर भी उसकी कोशिश रिश्तों को जोड़ने में थी। यही वजह है कि उसने ससुरालवालों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन उसके प्रयास विफल हो गए।
मन बदलना तो दूर, किसी ने उससे घर से बाहर निकल कर बात भी नहीं की। इतना ही नहीं शाम 6 बजे तक उसके पति आलोक को पेश करने का वादा करने वाले आलोक के ताऊ ने भी हाथ खड़े कर दिए।
लोग करेंगे आर्थिक मदद
गत दो दिनों से धरना दे रही शिखा ने कानूनी कार्यवाही का निर्णय लिया है। दूसरी तरफ उसकी आर्थिक दिक्कतों को देखते हुए आस-पास के लोगों ने फंड जुटाने का निर्णय किया है।
लगातार दो दिन धरना देने के बाद कमजोर हो चुकी शिखा बातचीत के लिए तय हुए समय के अनुसार मंगलवार को शाम छह बजे कॉलोनी पहुंची थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
इस दौरान कई गैर सरकारी संगठन व हाईकोर्ट के वकील भी मौके पर पहुंचे और शिखा को मदद की पेशकश की
नहीं खुला दरवाजा
कॉलोनी का माहौल गहमागहमी भरा रहा, कई लोगों ने आलोक के परिवार का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वे खोलने को तैयार नहीं हुए। परिवार और आगंतुकों में तनाव की आशंका देखकर पुलिसकर्मी भी बार-बार कॉलोनी में गश्त करते रहे।