रविवार की रात करीब 11 बजे विशुनपुरा इलाके के बांसगांव के बैरा टोला के रहने वाले किशुनदेव चौहान के घर अचानक ढिबरी से आग लग गई। आग में किशुनदेव की 32 वर्षीय पत्नी सुनैना तीन बच्चे धनु (3), बलवीर (5) और रवि (7) सोने के दौरान आग की लपटों के बीच घिर गए। मां सुनैना बलवीर और रवि को तो बाहर निकाल दी, लेकिन खुद मासूम बेटे धनु के साथ आग की लपटों में फंस गई। छप्पर मां-बेटे के ऊपर गिर गया।
आग में झुलस कर मां सुनैना और मासूम धनु की मौत हो गई। इधर आग के आगोश में आकर गांव के हरिकेश, नथु, पप्पू और चन्द्रदेव की झोपड़िया जल गई। झुलसे मासूम भाइयों को लोग जिला अस्पताल ले गए जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड ने गांव वालों की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना से गांव में कोहराम मच गया है। दीपावली से पहले गांव में घटी इस घटना से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटने और पांच परिवारों के बेघर हो जाने को लेकर सभी परेशान हैं।