उसके पुरुषार्थ पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद सफाई देते हुए पति ने बताया कि वह मेरठ से बिजनौर रोजाना सफर करता है। घर पहुंचता है तो थक जाता है। काउंसलर एमपी सिंह ने दोनों को एक साथ मेरठ में रहने की सलाह दी। इसके साथ ही पति को मेडिकल फिटनेस का प्रमाण पत्र देने को कहा। लेकिन पति के साथ मेरठ जाकर रहने के दौरान पत्नी उससे संतुष्ट हो गयी।
उसने कॉल कर काउंसलर को बताया कि अब उसे पति के पुरुषार्थ को लेकर कोई शक नहीं है। काउंसलर ने बताया कि दंपति अब साथ में मेरठ में रह रहे हैं। उनके बीच कोई विवाद नहीं है। इसलिए पति को कहा गया है कि उसे अब मेडिकल सर्टिफिकेट देने की आवश्यकता नहीं है।