नगर निगम के पांच से अधिक पार्किंग के टेंडर पिछले एक साल से अधिक समय से नहीं हुये हैं। इस बीच नगर निगम ने पार्किंग से उगाही की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष के दबंग नेताओं और निगम कर्मचारियों को दे दिये।
अब जब निगम की बोर्ड मीटिंग में पार्किंगों के टेंडर निकाले को लेकर दबाव बनाया गया तो टेंडर के लिये निविदाएं आमंत्रित की गईं लेकिन तय तिथि पर निविदाएं नहीं खोली गईं। अब लोग निगम और वर्तमान में पार्किंग का संचालन कर रहे ठेकेदारों पर सवाल उठ रहे हैं।
अप्रैल 2015 से नगर निगम के पार्किंगों का टेंडर नहीं निकाला गया। निगम पार्किंग से उगाही के लिए मनमाने तरीके से अपने और सत्ता पक्ष के चहेतों को महानगर के पांच से अधिक पार्किंग की जिम्मेदारी सौंप दी।
अब जब डेढ़ सालों के बाद सवाल उठने लगे तो नगर निगम ने आनन-फानन में महानगर की छह पार्किंगों के टेंडर के लिए 3 सितंबर को अखबारों में निविदा सूचना का विज्ञापन दे दिया। निविदा सूचना के अनुसार तीन सितंबर से 9 सितंबर तक निविदाएं विक्रय की जानी थी और नौ सितंबर की शाम को ही 4 बजे निविदाएं खोली जानी थी।
लेकिन महानगर की छह पार्किंगों में से किसी-किसी पार्किंग की निविदाएं खोली गई और किन ठेकेदारों के नाम पार्किग का टेंडर अलाट हुआ इसकी जानकारी नगर निगम के किसी जिम्मेदार अधिकारी के पास नहीं है।