कड़ाके की ठंड से शहरवासियों को अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने रविवार और सोमवार को भी ठंड का सामना करने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। लोहड़ी पर्व पर पिछले पांच वर्षों में न्यूनतम तापमान सबसे कम है।
शनिवार सुबह वातावरण में थोड़ा-बहुत कोहरा था, लेकिन बर्फीली हवाओं की वजह से सड़कें भी गीली हो गई थीं। दिन बढ़ने के साथ हवा की वजह से बादल छंट गया और दोपहर में हल्की धूप खिली। लोग ठंड से बचने की उम्मीद में छतों पर और पार्कों में आ गए।
इसके बावजूद गलन में कोई कमी नहीं आई। बीच-बीच में बादलों की आवाजाही की वजह से ठिठुरन बनी थी। अपने कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में लोग ठिठुर रहे थे। दस्ताने, मफलर, हेलमेट और गर्म जैकेट पहनने के बावजूद दोपहिया वाहन चलाते समय वाहन चालकों की कंपकंपी छूट रही थी।
शीतलहर और गलन की वजह से लोग घरों से तभी बाहर निकल रहे हैं, जब उन्हें बहुत जरूरी कार्य है। घरों में हीटर और ब्लोअर चलाकर सर्दी से राहत पाने की कोशिश की जा रही है। शाम होते-होते मौसम फिर बिगड़ने लगा।
मौसम विज्ञान विभाग के डाटा संग्रह केंद्र के अधिकारियों के अनुसार अधिकतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी और न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
सुबह के समय वातावरण में नमी 97 फीसदी रही और शाम को 86 फीसदी नमी दर्ज की गई। हवा की गति पश्चिम से पूरब दिशा में पांच से दस किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चली। पंतनगर विश्वविद्यालय के माैसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि रविवार और सोमवार को भी ठंडा दिन रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।