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कालागढ़ डैम से छोड़ दिया पानी, बाढ़ के आसार

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मुरादाबाद/कालागढ़ (बिजनौर)।
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रामगंगा बांध प्रशासन ने सोमवार को रामगंगा बांध से पानी की निकासी पावर हाउस के माध्यम से शुरू कर दी है। रामगंगा बांध का जलस्तर शाम चार बजे 355.180 मीटर हो गया। ऐसे में 33 सौ क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। यदि यही हाल रहा और इसी तरह से पानी की निकासी जारी रही तो रामगंगा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा पूरी तरह से बढ़ जाएगा।
रामगंगा बांध का जलस्तर 355.180 मीटर होने के बाद बांध प्रशासन ने बांध से बिजली उत्पादन के जरिए पानी की निकासी शुरू कर दी है। बांध के अधीक्षण अभियंता एके शर्मा के अनुसार रामगंगा जलविद्युत गृह को 3300 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। जिससे बिजली का उत्पादन किया जाएगा। बांध के जलाशय में लगभग 8000 - 9000 क्यूसेक पानी पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद से आ रहा है। हालांकि पहाड़ों पर सोमवार को बारिश बंद है। अभी पानी की इतनी अधिक निकासी नहीं है कि उससे किसी तरह का नुकसान हो। फिर भी नदी के तटों से दूर रहने को पहले ही चेताया जा चुका है।
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रामगंगा जलविद्युत गृह से 70 मेगावाट बिजली उत्पादन
उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड के कालागढ़ के उपमहाप्रबंधक पंकज अग्रवाल ने बताया कि मशीनें ड्राई हॉट पर ली गई हैं। जल्दी बिजली का उत्पादन दो टर्बाइन से शुरू किया जायेगा। दो टर्बाइन से लगभग 70 मेगावाट बिजली बनाई जाएगी।
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दस साल बाद बरसात में रामगंगा नदी में छोड़ा गया है पानी
2010 में कालागढ़ बांध से बड़ी मात्रा में नदी में पानी की निकासी की गई थी। उस समय जन धन की हानि को देखते हुए बांध प्रशासन ने बांध से पानी की निकासी के लिए 355 मीटर का जलस्तर निर्धारित कर दिया। अगस्त में इससे अधिक जलस्तर नहीं रखा जाएगा। 17 सितंबर 2010 को बांध का जलस्तर 366 मीटर को भी पार कर गया था। तब अधिक पानी नदी में चला था। उस विभीषिका से बचने को बांध प्रशासन ने बांध से पानी की निकासी को जलस्तर की सीमा का निर्धारण कर दिया है।
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