मुरादाबाद। रस्सी को सांप बनाने में माहिर पुलिस का एक और खेल सामने आया है। मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में तैनात रहे दरोगा ने केस की विवेचना में एक ऐसे व्यक्ति का नाम दर्शाकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। जो उस वक्त जेल में बंद था। इस मामले में कोर्ट ने विवेचक को तलब कर लिया है।
आबकारी विभाग के निरीक्षक सिद्धार्थ विक्रम सिंह ने 24 नवंबर 2020 को अपनी टीम के साथ पाकबड़ा थानाक्षेत्र में दिल्ली हाईवे पर सीएनजी पंप के सामने पंजाब नंबर का एक ट्रक चेकिंग के लिए रुकवाया था। पूछताछ में चालक ने टीम को बताया था कि ट्रक में गत्ता लदा है। आबकारी विभाग और वाणिज्य कर विभाग की टीम ने ट्रक की तलाशी ली थी। जिससे अवैध शराब की 500 पेटियां बरामद हुई थीं। जो तस्करी के लिए भेजी जा रही थीं। निरीक्षक का दावा है कि इस दौरान चालक वहां से भाग निकला था। ट्रक की तलाश के दौरान कागजात भी बरामद हुए थे। यह ट्रक नवदीप पुत्र करन सिंह निवासी ग्राम सीओ वीटीसी ट्रंसपोर्ट कंपनी मंडी चंडीगढ़ के नाम पर पंजीकृत था। इस मामले में निरीक्षक सिद्घार्थ विक्रम सिंह की ओर से धारा 63 आबकारी अधिनियम व धारा 120 बी, 420 आईपीसी में नवदीप और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
इस केस की विवेचना उप निरीक्षक राजेश कुमार ने की। तफ्तीश पूरी करने के बाद विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में बताया गया कि मौके से फरार होने वाला आरोपी ही नवदीप था। आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ समन जारी हुए। आरोपी के घर समन पहुंचा तो पता चला है कि उसके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। आरोपी के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें बताया है कि जिस वक्त नवदीप को हाईवे पर ट्रक में सवार होने की बात की गई है।
उस वक्त नवदीप श्री गंगानगर के केंद्रीय कारागार गृह में बंद है। जमानत प्रार्थना पत्र के साथ केंद्रीय कारागृह श्री गंगा नगर के कारापाल का पत्र संलग्न किया गया है। जिसमें बताया गया कि नवदीप सिंह पुत्र करन सिंह निवासी गुरुद्वारों के पास अजनौत थाना दोराहा जिला लुधियाना पंजाब(पंजाब) एक अन्य केस में 25 अक्तूबर 2020 में जेल में दाखिल होकर 21 दिसंबर 2020 को रिहा किया गया है। जबकि पाकबड़ा थाने में दर्ज एफआईआर में 24 नवंबर 2020 को तीन बजे की घटना दर्शायी गई है। कोर्ट ने इस मामले में विवेचक को तलब कर लिया है। विवेचक राजेश कुमार का दावा है कि विवेचना पूरी तरह से सही की गई थी। विवेचना में जो तथ्य सामने आए हैं। उसी आधार पर चार्जशीट दाखिल की गई है।
जांच में गलत निकला आरोपी का पता
मुरादाबाद। विवेचक राजेश कुमार इस केस की जांच के लिए पंजाब भी गए थे। तब पता चला कि आरोपी नवदीप के ट्रक पंजीकरण में अलग पता दर्ज कराया था, जबकि उसका एड्रेस अलग है। विवेचना में सही पता दर्शाया गया है।
आबकारी और वाण्ज्यि कर विभाग की टीम ने हाईवे पर चेकिंग के दौरान ट्रक पकड़ा था। गत्ते के नीचे शराब की पेटियां मिली थीं। इस मामले में पाकबड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ट्रक में चालक था, जो बाद में मौके से भाग गया था। इसके बाद केस की थाने से की गई थी।
- सिद्धार्थ विक्रम सिंह, निरीक्षक आबकारी, केस के वादी
आज होगी जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई
मुरादाबाद। नवदीप के अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने बताया कि कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।