बिलारी कोतवाली के सामने हाईवे पर हंगामा करते ग्रामीण
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कोतवाली के एक गांव में लगे मेले से दस दिन पहले एक किशोरी का अपहरण किए जाने की घटना में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी में देरी से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार रात कोतवाली के सामने हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने पुलिस पर बयान बदलने के लिए किशोरी पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। हालांकि सीओ और कोतवाल ने समझा बुझाकर आधा घंटे में ही जाम खुलवा दिया। मामले की जानकारी होने के बाद एसपी देहात विद्या सागर मिश्र भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किशोरी के परिजनों से जानकारी जुटाई।
कोतवाली की जरगांव पुलिस चौकी के सरथल गांव में नौ अप्रैल को रामनवमी का मेला लगा था। पीड़ित किशोरी के पिता के मुताबिक संभल जनपद के थाना हयातनगर के एक गांव निवासी उसकी 14 वर्षीय बेटी अपने दो भाइयों के साथ मेला देखने आई थी। दोपहर बाद लगभग चार बजे किशोरी के गांव का ही युवक बहला फुसलाकर उसे अपहरण करके ले गया। बाद में पंद्रह अप्रैल की शाम को किशोरी ने अपने घर पहुंचकर परिजनों को आप बीती बताई। किशोरी के पिता के अनुसार, जब वह आरोपी के घर शिकायत करने गए को उसके परिवार के व्यक्ति ने उसे जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया। 15 अप्रैल की रात को ही बिलारी पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ धारा 363 और 504 आईपीसी तथा अनुसूचित जाति निवारण अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इसके बाद पुलिस द्वारा पीड़ित किशोरी के मुरादाबाद अदालत में बयान दर्ज करा दिए गए और बुधवार को किशोरी को मामले की जांच में बयानों के लिए सीओ कार्यालय बुलाया गया। सीओ कार्यालय में बयान देने के बाद किशोरी ने अपने परिजनों से बातचीत के दौरान पुलिस पर यह आरोप लगाया कि उस पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की गई। परिजनों की सूचना पर किशोरी के गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर महिलाएं और पुरुष बिलारी आ गए। उन्होंने देर रात लगभग साढ़े नौ बजे कोतवाली के सामने हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
सीओ देश दीपक सिंह और कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और कड़ी कार्रवाई आश्वासन भी दिया। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोग जरगांव पुलिस चौकी के दरोगा पर यह आरोप लगाने लगे कि उन्होंने अभी तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। हालांकि सीओ के समझाने और आश्वासन पर ग्रामीण मान गए तथा लगभग दस बजे हाईवे से हटकर अपने गांव चले गए।