रामपुर जिले की चमरौआ विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट मिलने के 24 घंटे के अंदर अली युसूफ अली हाथ का साथ छोड़कर साइकिल में सवार हो गए हैं। युसूफ अली को बृहस्पतिवार को कांग्रेस ने चमरौआ विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया था। शुक्रवार को यूसुफ अली स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ सपा में शामिल हो गए।
युसूफ अली के सपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस को चमरौआ सीट पर दूसरे प्रत्याशी की तलाश करनी पड़ेगी। वहीं राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा है कि यूसुफ को सपा चमरौआ से प्रत्याशी बना सकती है। इस बात का पता सपा के उम्मीदवारों की सूची आने के बाद ही चलेगा।
परिसीमन के बाद रामपुर जिले में 2012 के विधानसभा चुनाव में चमरौआ विधानसभा सीट का गठन हुआ था। 2012 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुए। इस चुनाव में युसूफ अली बसपा के प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे थे और जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा।
2017 के विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक हालात में युसूफ अली नसीमुद्दीन सिद्दीकी के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। संगठन में उनको अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके पास वर्तमान में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी थी। युसूफ अली 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए चमरौआ विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे थे। कांग्रेस हाईकमान ने उनकी दावेदारी पर विचार करते हुए बृहस्पतिवार को उनको चमरौआ विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।