39 गांवों का करना है अधिग्रहण
सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने काफी तेजी के साथ एक माह में 35 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया। जांच के दौरान चार गांवों की जमीन सरकारी पाई गई। सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट से संतुष्ट होने के बाद एनएचएआई जमीनों के मुआवजे की धनराशि दिया है। अनुमान है कि जमीनों के लिए एनएचएआई 700 करोड़ रुपये मुआवजा देगा। अभी 300 करोड़ तक का मुआवजा बांटा जा चुका है।
45 हजार काटने पड़ेंगे पेड़
मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा मार्ग पर 11 हजार 500 बड़े और 33 हजार 500 छोटे पेड़ हैं। वन विभाग ने सर्वे कर लिया है। परमिशन मिलने के बाद पेड़ों की कटाई कराई जाएगी। इसके लिए विभाग को करोड़ों रुपये देने पड़ेंगे।
एनएचएआई के अभियंताओं का कहना है कि सिविल कार्य करने में 625 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। तमाम कार्यों को देखते हुए इस साल निर्माण का कार्य संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। कुल मिलाकर सड़क को फोर लेन बनाने में एक हजार करोड़ से अधिक धनराशि खर्च होगी।
फोर लेन रोड को बनाने के लिए राज कारपोरेशन के ठेकेदार तैयार हैं। अभी रोड की जमीनों पर कब्जा बाकी है। किसान काफी कम संख्या में मुआवजा लेने के लिए आ रहे हैं। इस मामले को लेकर डीएम खफा हैं। मुआवजा राशि को तेजी के साथ वितरित करना होगा। अन्यथा विरोध कौन झेलेगा। -अनुज कुमार जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई मुरादाबाद