अपराध के पुराने तरीके छोड़कर अपराधी अब साइबर अपराध की ओर बढ़ रहे हैं। आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (एआई) जैसी चुनौती हर रोज बढ़ रही है। जिसे देखते हुए पुलिस विभाग ने भी ट्रेनिंग के पैटर्न में बदलाव किया है। पीटीएस में प्रशिक्षण ले रहीं महिला दरोगाओं के बैच को हर तरह की ट्रेनिंग देने के साथ ही साइबर अपराध से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
इसके लिए अनुभवी अफसरों के साथ ही साइबर एक्सपर्ट द्वारा नए दरोगाओं को साइबर अपराध से निपटने की बारीकियां सिखाई गई हैं। डीएसपी ज्योति यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा भर्ती परीक्षा पास करने के बाद पीटीएस में 15 मार्च 2023 को 912 प्रशिक्षु महिला दरोगा आईं थीं।
इसके बाद कुछ प्रशिक्षु बीच में ही दूसरी विभागों में नौकरी लगने पर चली गई थीं। 889 कैडेट के बैच का आउटडोर और इंडोर प्रशिक्षण शुरू किया गया। आउटडोर में उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत किया गया तो इंडोर में कानूनी ज्ञान के साथ ही नए जमाने के अपराध के बारे में बताया गया। इन्हें महिला अपराध, पॉक्सो और साइबर अपराध के बारे में सबसे ज्यादा बारीकियां समझाई गईं।
उन्हें एआई और डीपफेक के बारे में बताने के साथ ही उससे निपटने और अपराधी तक पहुंचने के तौर-तरीके साइबर एक्सपर्ट द्वारा बताए गए। साइबर अपराधी किस तरह से लोगों को ठग रहे हैं। इन ठगों तक पहुंचाने में कैसे सफलता मिलती है। इन्हें ये भी बताया गया।
साथ ही इसका भी प्रशिक्षण दिया गया कि अपराधी को पकड़ने के साथ डिटिजल साक्ष्य भी जुटाएं जाएं। जिससे कोर्ट में मजबूत पैरवी कर साइबर अपराधी को सजा दिलाई जा सके।
एके-47 और कार्बाइन से भी लगाए अचूक निशाने
पीटीएस के आरआई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि महिला दरोगाओं को 12 तरह के हथियार चलाना सिखाया गया है। उन्होंने बताया कि एके-47, एलएमजी लाइट मशीन, एसएलआर, इंसास रायफल, 9 एमएम कार्बाइन, 9एमएम एमफील्ड गन, पिस्टल, रिवाल्वर, टीयर गैस गन, पीएमएफ जीएफ रायफल, 12 बोर पंप एक्शन गन, बम फेंकना समेत अन्य हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया गया।
हर ट्रेनर की अलग होती है भूमिका
पीटीएस में आरआई इंद्रपाल सिंह, एसआई राजेश खन्ना, सुरेंद्र कुमार, हरेंद्र सिंह, हवलदार प्रवीण कुमार, पीटीआई अमित राणा महिला पीटीआई विनीता चौधरी, नीमा पुनिया, नीरज गहलोत और अंजली शर्मा ने महिला दरोगा के इस बैच को ट्रेंड किया है।