मुरादाबाद पुलिस स्कूल में ट्रेनिंग लेतीं महिला दरोगा
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सिविल सर्विसेज में जाना है सपना
सिविल सर्विसेज में जाना मेरा सपना है। मैं अपने परिवार में सबसे बड़ी हूं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। इसलिए मैं चाहती थी कि पहले पुलिस में ही कांस्टेबल या सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हो जाऊं, ताकि मेरी तैयारी में होने वाले खर्चे का बोझ परिवार पर न पड़े। मेरा मानना है कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की साक्षरता की दर कम है। बेटियाें को पढ़ाई का माहौल मिल सके, इसके लिए मैं गांव में पुस्तकालय खोलना चाहती हूं। -अनीता यादव, गाजीपुर
सरकारी स्कूल में की पढ़ाई
मैंने सरकारी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है। इसके बाद आसपड़ोस के लोग सिर्फ मेरी शादी करवाने की ही बात करते थे, लेकिन मुझे सिविल सर्विसेज में जाना है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और मेरे सपने बड़े हैं। इसलिए पहले मैंने रेलवे की नौकरी की और अब यूपी एसआई का प्रशिक्षण ले रही हूं। दो बार सिविल सर्विस का साक्षात्कार दे चुकी हैं, लेकिन अंतिम मेरिट में रह जाती हूं। मैं भीख मांगने वाले बच्चों के उत्थान के लिए काम करना चाहती हूं। उनको पढ़ाना बहुत जरूरी है। -अलका कुमारी, पटना बिहार