काशीपुर के युवक के साथ नौकरी करने गए थे दुबई
मुरादाबाद। स्नातक तक की पढ़ाई करने वाले आरोपी दानिश और अफजाल ने बताया कि करीब दो साल पहले वह उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर निवासी राशिद के साथ दुबई गए थे। वहां राशिद ने बैंक में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था।
इसी दौरान वहां छत्तीसगढ़ के कुछ युवक मिल गए। उन्होंने दानिश और अफजाल से कहा कि वह जिंदगी भर नौकरी करेंगे तो भी पैसा नहीं जुटा पाएंगे। हमारे पास रातोंरात मालामाल होने का प्लान है। आरोपियों ने दुबई में ही दोनों को साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी। इसके बाद दोनों भारत लौट आए और लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
35 डेबिट कार्ड और तीन लैपटाॅप मिले
सीओ ठाकुरद्वारा राजेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से नौ मोबाइल, तीन लैपटाॅप, एक टैबलेट, 35 डेबिट कार्ड, 10 चेक बुक, दो पैन कार्ड, एक आधार कार्ड मिला है।
दिल्ली के नागालोई में खोला था दफ्तर
आरोपी दानिश और अफजाल ने अपने साथी राशिद के साथ मिलकर दिल्ली के नागालोई में दफ्तर खोल लिया था। इसके बाद आरोपी लोगों को गेमिंग एप के जरिये ठग रहे थे। लोगों को छोटे-छोटे टास्क देकर उन्हें पूरा करने पर रकम बढ़ाकर वापस कर देते थे।
जब लोग बढ़ी रकम लगाते थे तो उन्हें वापस नहीं करते थे। इसके बाद सिम बंद कर देते थे और अगले शिकार को फंसाने में लग जाते थे। इसके लिए आरोपी टेलीग्राम, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया साइट के जरिए लोगों से जुड़ते थे।