एक महीने में अगवानपुर में 18 कैंप फिर भी मौतें रोकने में नाकाम विभाग
अगवानपुर में स्वास्थ्य विभाग एक माह में 18 कैंप कर चुका है। इसके बावजूद मौतों को रोकने में विभाग की टीम नाकाम है। इसका कारण यह है कि जब क्षेत्र में मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, तब टीम जांच व फॉगिंग के लिए पहुंची। तब तक बुखार कई लोगों को अपनी गिरफ्त में ले चुका था। इन लोगों में से ही बाद में नौ की मौत हो गई।
मरने वालों में तीन डेंगू व बुखार से पीड़ित थे। शुक्रवार को भी अगवानपुर के जिस बच्चे की डेंगू से अस्पताल में मौत हुई है, विभागीय अधिकारियों को इसके विषय में जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को कोई डेंगू का केस नहीं मिला है। जबकि अगवानपुर में ही दो लोगों में इसकी पुष्टि हुई है।
यह स्थिति तब है जब शुक्रवार दोपहर को सीएमओ ने अगवानपुर का दौरा किया है। उनके साथ डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल भी मौजूद थे। अधिकारी बृहस्पतिवार को हुई छह वर्षीय बच्ची अफसानूर और 35 वर्षीय राजीव की बुखार से मौत की खबर के बाद पहुंचे थे।
उन्होंने दोनों मृतकों के परिवारों से वार्ता कर मौत का कारण समझा। इसके बाद डॉक्टरों द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट एकत्र कराईं। सीएमओ ने स्थानीय लोगों को घर के आसपास से गंदगी को हटाने, एंटी लार्वा छिड़काव में सहयोग देने की अपील की। डॉक्टरों को कस्बे में लगातार जांच शिविर जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
हमने बीजना, अगवानपुर व ठाकुरद्वारा में सबसे ज्यादा जांच शिविर लगाए हैं। लोगों को साफ सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे डेंगू न फैले। गांवों में भ्रमण के दौरान जो मरीज गंभीर लगते हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ