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मंदिर से लाउडस्पीकर उतरवाने पर दहल उठा था कांठ

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सात वर्ष पहले एक मंदिर से लाउडस्पीकर उतारने को लेकर हुए बवाल से कांठ दहल उठाया था। इस घटना के बाद कांठ में बीस दिन तक कर्फ्यू जैसे हालत बने रहे थे। सब कुछ सामान्य होने के बाद ही कांठ का बाजार खोला गया था।
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जून 2014 में कांठ थाना क्षेत्र के नया गांव अकबरपुर चैंदरी स्थित एक मंदिर पर लाउडस्पीकर को लेकर विवाद हो गया था। 26 जून को पुलिस और प्रशासन ने दूसरे पक्ष की शिकायत और आपत्ति पर मंदिर से लाउडस्पीकर उतार लिया था। जिससे मंदिर पक्ष के साथ ही हिंदू संगठनों और भाजपाइयों में रोष व्याप्त हो गया था। 27 जून को इसे मामले को लेकर कांठ नगर में पेट्रोल पंप तिराहे पर धरना प्रदर्शन और रोड जाम किया गया था। इसमें भाजपा, हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल सहित कई संगठनों के बड़े नेताओं ने भी भाग लिया था। इस दौरान पुलिस-प्रशासन और पब्लिक में टकराव हो गया था। भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस ने रबड़ बुलेट और आंसू गैस के गोले दागे थे। करीब तीन घंटे तक पुलिस और पब्लिक में जबरदस्त टकराव चला था। बाद में पुलिस ने कुछ लोगों और भाजपाइयों को मौके से हिरासत में ले लिया था।
पुलिसिया कार्रवाई के चलते कुछ लोगों को घरों से निकालकर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने चार जुलाई 2014 को कांठ में महापंचायत का एलान कर दिया था। इस दिन एकत्र हुई भीड़ ने रेलवे ट्रैक को भी कई घंटे जाम रखा था। इस दौरान यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों में फिर एक बार जबरदस्त संघर्ष हो गया था। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे तो वहीं जमकर पथराव भी हुआ था। इसमें उस समय मुरादाबाद जिलाधिकारी रहे चंद्रकांत की आंख जख्मी हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, पुलिस की ओर से दो मामले दर्ज किए गए थे, तो रेलवे प्रशासन ने भी केस दर्ज कराया था। इस पूरे प्रकरण में वर्तमान में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, मुरादाबाद नगर विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपाइयों पर कार्रवाई हुई थी। पुलिस-पब्लिक संघर्ष के बाद करीब बीस दिन तक कांठ का बाजार बंद रहा था। नगर में कर्फ्यू जैसे हालत थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी, आरआरएफ और आरएएफ तैनात थी। लोग इस बवाल से इतना भयभीत हो गए थे कि तमाम अपने-अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारियों और दूसरे स्थानों पर चले गए थे। जो मामला शांत होने के बाद ही अपने घरों को लौटे थे।
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कांठ के लाउडस्पीकर बवाल में मंगलवार को दोष मुक्त हुए कांठ तहसील क्षेत्र के गांव पचोकरा निवासी कुलदीप शर्मा, पारितोष भारती, निरूपन विश्नोई, मनोज कुमार, महेश उर्फ गब्बर, नितिन गुर्जर, अशोक कुमार विश्नोई, गुमान सिंह, राजेंद्र सिंह, सुरेश चौहान, अमित प्रधान आदि ने कहा कि न्यायालय ने जो फैसला सुनाया है उसका वह सम्मान करते हैं। क्योंकि इस मामले में उन्हें गलत और झूठा फंसाया गया था।
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