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महिला सीओ के सामने पीड़ित युवती ने बयां की दर्द भरी दास्तान

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घर में घुसकर युवती की पिटाई और चौकी में दरोगा द्वारा हड़का कर समझौते की कॉपी पर अंगूठा लगवाने के मामले में डीआईजी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। मंगलवार शाम महिला सीओ पुलिस टीम लेकर पीड़ित युवती के घर पहुंचीं और जांच शुरू कीं। इस दौरान युवती ने अपनी दर्द भरी दास्तान बयां की। युवती ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और चौकी इंचार्ज ने हड़काया। समझौते की कॉपी पर अंगूठा भी लगवा लिया था।
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मझोला थानाक्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवती के पिता और भाई की हत्या कर दी गई थी। युवती को सरकार की ओर से 17 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिली। युवती ने आरोप लगाया है कि मझोला क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने उसे शादी करने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी बीच आरोपी ने युवती के 17 लाख रुपये भी हड़प लिए थे। पांच माह की गर्भवती होने के बाद आरोपी युवक उससे शादी करने को तैयार नहीं हुआ।
करीब 15 दिन पहले पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। युवती का आरोप है कि आरोपी उसके घर में घुसा और मारपीट करने के बाद चौकी पर ले गए। यहां दरोगा ने भी युवती को ही हड़काया और समझौते पर जबरन अंगूठा लगवा लिया। डीआईजी शलभ माथुर ने इस मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने इस मामले में जांच के आदेश दिए। मंगलवार शाम महिला सीओ जांच के लिए युवती के घर पहुंचीं। उन्होंने एक एक पहलू पर गहनता से जांच की। युवती के बयान दर्ज किए। युवती को कार्रवाई का आश्वासन देकर सीओ चलीं गईं।
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पुलिस ने दोहरे हत्याकांड में भी किया था धाराओं में खेल
इंसाफ के लिए लड़ रही युवती को पुलिस पहले भी दर्द दे चुकी है। जून 2020 में युवती के पिता और भाई की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड को पुलिस ने गैरइरातदन हत्या में दर्ज किया था, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट बर्बरता की गवाही दे रही थी। ‘अमर उजाला’ ने पुलिस के इस खेल को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, तब तत्कालीन एसएसपी के आदेश पर गैरइरादतन को हत्या की धाराओं में तरमीम किया गया था। तत्कालीन थाना प्रभारी और तत्कालीन चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों की इस खेल में लापरवाही सामने आई थी, लेकिन अफसरों ने सभी को बख्श दिया था।
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