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फीस के लिए छात्र को तीन घंटे खड़ा रखा, तबीयत बिगड़ी तो कराया भर्ती

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मुरादाबाद। नोसगे पब्लिक स्कूल में गुरुवार को कक्षा 10 के छात्र को तीन घंटे तक क्लास के बाहर खड़ा कर दिया, जिसकी वजह से छात्र की तबीयत बिगड़ गई। छात्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने मामले की शिकायत जिला विद्यालय निरीक्षक से की है। जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि यदि स्कूल प्रशासन दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्र की मां ने स्कूल स्टाफ से अभद्रता की है। छात्र की पिछले सत्र में जनवरी से फीस जमा नहीं है।
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नवीन नगर निवासी समीक्षा अग्रवाल का कहना है कि उनका 15 वर्षीय बेटा कक्षा दस का छात्र है। गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे मासिक परीक्षा देने के लिए स्कूल गया था। वहां से वह करीब 11 बजे तेज बुखार में रोता हुआ घर आया। पूछने पर बताया कि स्कूल में शिक्षिका ने उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया और क्लास के बाहर खड़ा कर दिया। जब छात्र ने शिक्षिका से घर जाने या परिजनों को फोन करने की अनुमति मांगी तो शिक्षिका ने अनुमति नहीं देते हुए स्कूल की छुट्टी तक ऐसे ही खड़े रहने की सजा दी। जब छात्र घर पहुंचा तो उसे उल्टियां होने लगीं। इस पर छात्र की मां समीक्षा अग्रवाल उसे लेकर स्कूल पहुंची और प्रबंधक को फोन कर मामले की शिकायत की तो उन्होंने समीक्षा अग्रवाल से रिसेप्शन पर शिक्षिका को मामले की जानकारी देने को कहा।
उन्होंने जब रिसेप्शन पर शिक्षिका से बेटे को तीन घंटे खड़े रखने का कारण पूछा तो शिक्षिका ने स्कूल के उच्चाधिकारियों द्वारा ऐसा करने के निर्देश होने की जानकारी दी। इसी बीच स्कूल में फिर छात्र की तबीयत बिगड़ने लगी तो समीक्षा अग्रवाल ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। समीक्षा अग्रवाल का कहना है कि उनके बेटे की कुछ समय की फीस बकाया है और इस संबंध में वह प्रबंधक नीरज गुप्ता को समस्या से अवगत करा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह फीस का ही मामला था तो स्कूल प्रशासन को उन्हें फोन कर जानकारी देनी चाहिए थी न कि उनके बेटे को तीन घंटे तक स्कूल में खड़ा रखना चाहिए था। उन्होंने डीआईओएस से शिक्षिका और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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समीक्षा अग्रवाल के दो बच्चे विद्यालय में पढ़ते हैं। इनमें से एक की फीस माफ है। जबकि दूसरे बच्चे की फीस बकाया है। उनसे जब फीस मांगी जाती है तो वह खुद के अधिवक्ता होने का रौब दिखाती हैं। उन्होंने विद्यालय स्टाफ से अभद्रता भी की है। उनके इस व्यवहार की शिकायत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव से तथा डीआईओएस की गई है। बच्चे को सजा देने का आरोप झूठा है। यदि अधिकारी चाहें तो सीसीटीवी कैमरे देखकर आरोपों की तस्दीक कर सकते हैं। सच सामने आ जाएगा।
नीरज गुप्ता, प्रबंधक, नोसगे स्कूल
- परिजनों ने स्कूल के खिलाफ शिकायत की है। मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। शनिवार को समिति गठित कर आगे की जांच करवाई जाएगी। यदि मामले में स्कूल प्रशासन दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- डॉ. अरुण कुमार दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक
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