मुरादाबाद। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष गोपाल अंजान के ड्राइवर लवकुश (28) ने सर्किट हाउस के रूम में दो दिन पहले मंगलवार की रात ही फांसी लगा ली थी। कमरे में जो खून बिखरा था वह अधिक देर तक शव के लटके रहने के कारण नाक से निकला था। इसका खुलासा शुक्रवार को दो डाक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब पुलिस चालक की खुदकुशी के कारणों को तलाशने में जुट गई है।
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष गोपाल अजान को शासन की ओर से जो सरकारी गाड़ी मिले है, उसे सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र निवासी लवकुश (28) चलाता था। मंगलवार को गोपाल अंजान के लाजपतनगर स्थित घर से खाना खाकर चालक सर्किट हाउस आ गया था। गुुरुवार को कहीं जाने के लिए गोपाल अंजान ने फोन किया तो रिसिव नहीं हुआ। बाद में जब सर्किट हाउस के कमरे में उसका शव फंदे से लटका मिला। चालक का शव चादर के सहारे पंख से लटका था। फर्श पर खून फैला था। पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टर्माटम के लिए गुरुवार को ही भेज दिया था। शुक्रवार को डा. शोभित शर्मा व अंशुमाली के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया, जिसमें हैंगिंग और कमरे में जो खून फैला था वह शव के अधिक समय तक लटके रहने के कारण नाक से निकले होने की पुष्टि हुई। यही नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत दो दो दिन पहले की हुई बताई गई है।
मृतक लवकुश के बड़े भाई संजय शुक्ला ने बताया कि लवकुश पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। उन्होंने उसके किसी तरह के तनाव अथवा प्रेम प्रसंग आदि के होने से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि उनका भाई काफी हंसमुख था।
चालक ने क्यों की आत्महत्या, कारण तलाशने में जुटी पुलिस
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष के चालक द्वारा सर्किट हाउस में फंदे से लटके मिले शव के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि के बाद पुलिस अब उसके आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। इसके लिए पुलिस की फॉरेंसिंक टीम ने कमरे की पड़ताल तो की ही है पुलिस चालक के मोबाइल की डिटेल आदि निकवा रही है। साथ ही पुलिस ने उसके परिवार वालों से भी बातचीत की है।
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