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नाबालिग दुष्कर्मी को दस साल का कारावास

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मुरादाबाद। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने नाबालिग पड़ोसी को दोषी करार देते हुए दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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कटघर थानाक्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने 31 मार्च 2016 को कटघर थाने में केस दर्ज कराया था, जिसमें उसने बताया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी रात में छत पर सो रही थी। मध्य रात्रि में पड़ोस में रहने वाला सोलह वर्षीय किशोर छत पर पहुंचा और उसकी बेटी को अगवाकर ले गया है। इस मामले में पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। घटना के दो दिन बाद वादी की पुत्री किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूट कर अपने घर आई थी। उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी अपने घर वालों को दी थी। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया। इसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पीड़िता ने बताया था कि आरोपी ने अपने घर में दो दिन तक छिपा कर रखा। इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म भी किया था। वह किसी तरह से उससे बच कर आई है। पुलिस ने केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। थी। उक्त मुकदमा अपर जिला जज एवं स्पेशल पोक्सो एक्ट तृतीय सुभाष सिंह की अदालत में सुना गया, जिसमें बचाव पक्ष का कहना था कि किशोरी एवं पीड़िता के बीच प्रेम संबंध थे। उसने अपहरण नहीं किया था। किशोरी अपनी मर्जी से आई थी। वहीं विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद अकरम खां ने अदालत को बताया कि पीड़िता को जबरन किशोर अपचारी द्वारा उसकी छत से उठाया गया था। और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। इस मामले में आठ गवाहों ने आरोपी के खिलाफ बयान अदालत में दिए हैं, जिससे साबित होता है कि आरोपी ने ही सोची समझी साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद किशोर अपचारी को घटना का दोषी मानते हुए उसे दस साल की सजा के साथ साथ 28 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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