मुरादाबाद। स्वास्थ्य महकमे की ओर से डेंगू की रोकथाम के लिए कराए गए सर्वे में दस घरों में 170 लार्वा मिले हैं। इससे करीब 500 घर डेंगू की जद में आ सकते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि लोगों को अपने आसपास या घरों में साफ सफाई की विशेष जरूरत है।
जिला मलेरिया विभाग की ओर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए फॉगिंग, लार्वासाइड स्प्रे, पायरेथ्रम स्प्रे कराया जा रहा है। बावजूद इसके डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 772 हो गई है। डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के लार्वा की तलाश में पिछले 20 अक्तूबर से कराए गए करीब 1600 घरों में सर्वे में से दस घरों में 170 लार्वा मिले हैं। चिकित्सकों के मुताबिक डेंगू फैलाने वाला मच्छर एडीज आसपास के 400 मीटर के दायरे में पहुंच सकता है। यदि 400 मीटर में 50 घर भी हुए तो करीब पांच सौ घर डेंगू की जद में हैं।
ऐसे किया सर्वे
मलेरिया विभाग की ओर से डेंगू के मच्छर तलाशने के लिए तीन-तीन सदस्यीय तीन टीमों को लगाया गया है। टीम के सदस्यों ने कूूलर, छतों पर रखे ड्रम, टायर और फ्रिज के पीछे की ट्रे की जांच की, जिसमें ढाई घंटे में औसतन 17 लार्वा मिले हैं। इस लिहाज से दस घरों में 170 लार्वा मिले हैं। इसके अलावा इसी ढाई घंटे में मलेरिया के नौ मच्छर मिले हैं। टीम ने उसे मौके पर नष्ट कर दिया है।
इन स्थानों पर मिले लार्वा
नवाबपुरा, वारसी नगर, दीवान का बाजार, चक्कर की मिलक में तीन, बड़ा शाह बाड़ा, पीरजादा, गुइंया बाग में दो, अगवानपुर में पांच घरों में लार्वा मिला है। इन मोहल्लों में करीब 1600 घरों का सर्वे हुआ है।
मोहल्ला मरीज
नवाबपुरा 84
वारसी नगर एक
दीवान का बाजार 18
चक्कर की मिलक 12
पीरजादा 13
गुइंया बाग एक
डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए लोगों को अपने घरों में किसी भी तरीके से पानी ठहरने नहीं देना चाहिए। एक मच्छर से 400 मीटर का दायरा प्रभावित होने की आशंका रहती है। नवाबपुरा में लार्वा मिलने का एक कारण घनी आबादी में समुचित साफ-सफाई न होना और रामगंगा नदी के किनारे बनाए गए पानी के गड्ढे होना है।
डॉ. पीएन यादव, जिला मलेरिया अधिकारी