मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में किए गए घोटालों में कमिश्नर के आदेश पर हो रही जांच में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। विकास खंड कुंदरकी के ही 12 गांवों की पड़ताल में करीब साढे़ सत्रह लाख रुपये से अधिक का भुगतान डीपीआरओ न जांच में संदिग्ध पाया है। जिसके बाद उन्होंने तत्कालीन प्रशासकों को नोटिस जारी कर अभिलेख मांगे हैं।
जिले में प्रशासकों के कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर आनन-फानन खर्च की गई धनराशि खर्च की गई धनराशि की कमिश्नर और डीडी पंचायत के आदेश पर जांच चल रही है। जिसमें विकासखंड कुंदरकी में ग्राम पंचायतों में वाटर कूलर और लाइटों के नाम पर खर्च की गई धनराशि को डीपीआरओ ने संदिग्ध माना है। ग्राम पंचायत रतनपुर कलां दो तथा मोहम्मदपुर बस्तौर, अलेदादपुर, हरियाना, मझौली खास में एक-एक वाटर कूलर के नाम पर खर्च की गई धनराशि 14,93,700 रुपये का भुगतान संदिग्ध पाया है। इसी तहर ग्राम पंचायत रतनपुर कलां, अलेदादपुर, अल्लापुर, भीकन, इमरतपुर उधौ, भीकनपुर कुलवाड़ा, हरियाना, मझौली खास, लालपुर हमीर, तेवरपट्टी उर्फ काजीपुरा, तेवर खास, तख्तपुर हाशा में एक ही फर्म एएस एंटरप्राइजेज को में एक-एक लाइटों के लिए भुगतान की गई 2.75 लाख रुपये ( कुल 17,68,700 रुपये) की धनराशि संदिग्ध मानते हुए तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्विजेंद्र सिंह तथा ग्राम पंचायत सचिव सुरेंद्र सिंह, अंकित सिंह, सतपाल सिंह, रामप्रकाश सिंह, सतीश सागर, रवींद्र सिंह, इरशाद हुसैन और विवेक कुमार को नोटिस जारी कर एस्टीमेट, व्यय वाऊचर, एमबी, टेंडर पत्रावली, मस्टर रोल आदि की प्रमाणित प्रतिलिपि और स्पष्टीकरण तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है।
रेंडम चेकिंग में ये हाल, विस्तृत जांच हुई तो करोड़ों का निकलेगा गोलमाल
मुरादाबाद। कुंदरकी विकास खंड में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या 99 है। इन सभी ग्राम पंचायतों में प्रशासकों ने लाखोें रुपये के आनन-फानन विकास कार्य कराए हैं। अमर उजाला द्वारा प्रशासकों के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी की खबर के बाद कमिश्नर और उप निदेशक पंचायतीराज के निर्देश पर कुल 12 ग्राम पंचायतों में रेंडम जांच में साढ़े सत्रह लाख रुपये का सिर्फ दो विकास कार्यों वाटर कूलर और लाइट के लिए किये गए भुगतान में ही करीब 17.68 लाख रुपये का भुगतान संदिग्ध मिला है। अगर इसी ब्लाक के सभी 99 ग्राम पंचायतों की जांच हो जाए तो बड़ी गड़बड़ी निकलेगी। इससे पहले बिलारी, भगतपुर और छजलैट ब्लाक के कुछ ग्रामों में हुई रेंडम चेकिंग में भी लाखों का भुगतान संदिग्ध मिल चुका है। सूत्र बताते हैं कि अगर जिले की सभी 643 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों की जब पड़ताल होगी तो करोड़ों रुपये की गड़बड़ी निकलना तय मानी जा रही है।