पुलिस लाइन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने विचार रखते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। संवा?
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मुरादाबाद। पुलिस अफसर बनने के लिए सुकन्या शर्मा ने डॉक्टरी छोड़ी तो रवि खोखर ने सिविल मजिस्ट्रेट की नौकरी से त्याग पत्र दिया था। पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने की मंशा के साथ डिप्टी एसपी बने हर्ष पांडे ने भी दूरसंचार मंत्रालय के सहायक निदेशक के पद से इस्तीफा दिया था।
सोमवार को पास आउट परेड में सर्वांग सर्वोत्तम चुनी गईं डा. सुकन्या शर्मा अलीगढ़ के रामबाग कालोनी की निवासी हैं। उनके पिता आरकेएस रमन अधिवक्ता हैं। सुकन्या ने बताया कि बीएचएमएस की पढ़ाई करने के बाद वह होम्योपैथिक चिकित्सक बन गई थीं। डिप्टी एसपी के लिए उनका चयन हुआ तो उन्होंने डॉक्टरी छोड़ दी थी। डा. सुकन्या की तीन बहन डा. एकता शर्मा, डा. अनसुइया शर्मा, अन्नपूर्णा शर्मा और एक भाई सूरज शर्मा हैं। सुकन्या ने बताया कि उनकी पहली पसंद पुलिस विभाग में नौकरी करने की थी। इस विभाग में रहकर पीड़ित लोगों की मदद की जा सकती है। डा. सुकन्या को आगरा में तैनाती मिली है।
प्रथम परेड कमांडर चुने गए रवि खोखर मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी हैं। रवि ने बताया कि वह पुलिस अफसर बनना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सिविल मजिस्ट्रेट की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। वह बदायूं में सिविल मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात थे। डेढ़ साल पहले उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दिया और पुलिस अकादमी में पुलिस की बारीकियां सीखने पहुंच गए थे। रवि ने बताया कि उनके पिता विक्रम सिंह खोखर अधिवक्ता है, जबकि उनकी पत्नी अनविक्षा आईटी सेक्टर में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात हैं। भाई रोहित खोखर प्रोफेसर हैं।
तृतीय परेड कमांडर चुने गए हर्ष पांडेय गोरखपुर के मोहल्ला बेतियाहाता निवासी हैं। उनके बड़े भाई प्रतीक पांडे एनआईसीएल में नौकरी करते हैं। हर्ष ने बताया कि पुलिस विभाग में आने से पहले वह दूरसंचार मंत्रालय में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत थे। डिप्टी एसपी में चयन होने के बाद उन्होंने दूर संचार मंत्रालय की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। हर्ष को चित्रकूट में तैनाती मिली है।