मुरादाबाद। मझोला थाने में इंस्पेक्टर को धमकाने व फाइलें फेंकने के पुख्ता सबूत होने के बावजूद खाकी वादी पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस न तो नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी का कोई प्रयास करती दिखाई दी और न ही वीडियो से अभी तक अज्ञात आरोपियों की पहचान की गई।
मझोला थाना प्रभारी जीत सिंह की ओर से आठ अक्तूबर को केस दर्ज कराया गया है। जिसमें उन्होंने बताया कि बंगाली समाज के लोग हर साल दुर्गा पूजा का आयोजन करते हैं। एक गुट के लोगों ने दूसरे स्थान पर आयोजन करने के लिए अनुमति मांगी थी। जिसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था।
इसके चलते दोनों पक्षों के दस लोगों के खिलाफ धारा 107-16 की रिपोर्ट बनाकर प्रशासन को भेजी गई थी। मुचलका पाबंद किए गए लोगों में भाजपा लाइनपार मंडल के अध्यक्ष संजीव चौहान का नाम भी शामिल है। गुरुवार रात भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष अभिषेक चौबे, भाजपा के लाइनपार मंडल अध्यक्ष संजीव चौहान, महानगर महामंत्री गुड्डू सैनी, अंकुर, दस सराय मंडल के अध्यक्ष मंगलसेन राजपूत, दिनेश शीर्षवाल और 35 अन्य लोग थाने में घुस आए थे।
यहां जमकर हंगामा किया था। एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि थाने के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और वीडियो में आरोपियों के तस्वीरें कैद हैं। बावजूद इसके अज्ञात लोगों की भी पहचान का कोई प्रयास अब तक नहीं किया गया है।