रामपुर के सिविल लाइंस में वर्ष 2019 में सपा सांसद आजम खां समेत पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खान, अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, सपा नेता फिरोज खां व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जया प्रदा के ऊपर अभद्र टिप्पणी के मामले में मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन समेत दो अन्य आरोपियों ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र अदालत में पेश किया था। जिसे सुनने के बाद डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया था। जिसके खिलाफ आरोपी उच्च न्यायालय की शरण मे चले गए हैं। अदालत ने आरोपियों को अंतिम अवसर देते हुए आगामी 12 नवंबर लगा दी गई है।
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रामपुर के सिविल लाइंस में वर्ष 2019 में सपा सांसद आजम खां समेत पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खान, अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, सपा नेता फिरोज खां व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जिस पर आरोप था कि रामपुर की पूर्व सांसद जया प्रदा पर अभद्र टिप्पणी की गई है। यह सभी एक समारोह में मुस्लिम डिग्री कालिज में एकत्र हुए थे। इस मामले की विवेचना रामपुर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।
मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि पिछली तिथि पर मुरादाबाद के सपा सांसद डॉ. एसटी हसन और समारोह के आयोजक आरिफ व सपा नेता फिरोज खान की ओर से अदालत में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। पारित आदेश के खिलाफ मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन, समारोह के आयोजक आरिफ व सपा नेता फिरोज खान उच्च न्यायालय की शरण में चले गए हैं।
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मंगलवार को आरोपियों के ऊपर चार्ज फ्रेम होने थे, लेकिन आरोपियों की ओर से अदालत में समय की मांग की गई। जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए आरोपियों को अंतिम अवसर आरोप निर्धारण के लिए प्रदान किया है। यदि आरोपियों को उच्च न्यायालय से कोई आदेश उनके हक में प्राप्त नहीं होता है तो आगामी 12 नवंबर को आरोपियों के ऊपर आरोप निर्धारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।