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सपा विधायक इकराम ने साइकिल छोड़ थामा कांग्रेस का हाथ

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मुरादाबाद। मुरादाबाद देहात सीट से कांग्रेस ने पार्षद नदीम अंसारी का टिकट काट कर सपा विधायक हाजी इकराम कुरैशी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उन्हें पार्टी का सिंबल भी दे दिया गया है। इकराम शुक्रवार को कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन कराएंगे। समाजवादी पार्टी द्वारा टिकट काटे जाने के बाद से इकराम काफी आहत थे। वह सपा के दूसरे ऐसे विधायक हैं जो टिकट कटने के बाद दूसरी पार्टी से टिकट लेकर सपा प्रत्याशी के खिलाफ ताल ठोकेंगे। इससे पहले कुंदरकी के मौजूदा सपा विधायक हाजी रिजवान टिकट कटने के बाद बसपा का दामन थाम चुके हैं।
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हाजी इकराम 2017 में मुरादाबाद देहात सीट से सपा टिकट पर चुनाव लड़ विधायक निर्वाचित हुए थे। इससे पहले सपा सरकार में वह पार्टी के महानगर अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। सपा ने इस बार उनका टिकट काट कर उनके स्थान पर नासिर कुरैशी को अपना प्रत्याशी बना दिया। टिकट कटने के बाद से ही हाजी इकराम के तेवर बगावती हो गए थे। इसके बाद से ही हाजी इकराम कुरैशी ने कांग्रेस में शामिल होने के प्रयास शुरू कर दिए थे। लेकिन कांग्रेस से स्पष्ट रूप से कोई आश्वासन न मिलने तक वह पत्ते नहीं खोलना चाहते थे। यही वजह रही कि पूछने पर वह अक्सर क्षेत्र की जनता से पूछने के बाद निर्णय लेने की बात कह टालते रहे।
बुधवार देर रात कांग्रेस की ओर से पार्षद नदीम अंसारी का टिकट काट कर हाजी इकराम को मुरादाबाद देहात विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया। उन्हें पार्टी सिंबल भी एलाट कर दिया गया। इसके बाद से ही हाजी इकराम ने अपना बगावती तेवर तेज कर दिया। बृहस्पतिवार को उन्होंने कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने और शुक्रवार को मुरादाबाद देहात सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन कराने का एलान किया।
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इकराम की बदले बोल, बोले-भाजपा से निजात के लिए कांग्रेस ही विकल्प
मुरादाबाद। सपा से टिकट कटने के बावजूद एक दिन पहले तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव को ईमानदार बताने वाले हाजी इकराम कुरैशी अब कांग्रेस के कसीदे पढ़ने लगे हैं। मुरादाबाद देहात सीट से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद इकराम कुरैशी ने कहा कि भाजपा के विधायकों को सपा में लेने के बाद पार्टी नेता यह समझ रहे हैं कि भाजपा से आए विधायकों को टिकट देकर वह प्रदेश में सरकार बना लेंगे। लेकिन सपा की यह बड़ी भूल है। भाजपा से सपा में शामिल होने वाला कोई भी जीतने वाला नहीं है।
हाजी इकराम ने कहा कि सपा में वफादारों की कद्र नहीं है। साथ ही उसमें भाजपा के इतने लोग शामिल हो गए हैं कि फिरकापरस्त ताकतों से लड़ने का साहस भी सपा में नहीं रहा गया है। भाजपा से आए लोगों के इशारे पर ईमानदार नेताओं का टिकट काटने के बाद से यह साफ हो गया है कि फिरकापरस्त ताकतों से सपा मुकाबला नहीं कर सकती। भाजपा की गलत नीतियों से सिर्फ कांग्रेस ही निजात दिला सकता है। कांग्रेस की नीतियों व सिद्धांतों के साथ ही देश अब आगे बढ़ेगा।
आजादी के पहले से मेरा परिवार कांग्रेसी रहा है। मेरी दो बहने पार्षद रहीं हैं। मैं स्वयं भी पार्षद हूं। कांग्रेस ने पहले मूझे प्रत्याशी घोषित किया अब रातों-रात मेरा टिकट काट कर सपा के ऐसे नेता को दे दिया, जो कांग्रेस को पहले कोसते रहे हैं। मेरा टिकट काट कर अगर किसी दूसरे पुराने कांग्रेसी को दे दिया जाता तो अफसोस नहीं होता। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ईमानदार है, लेकिन नीचे के कुछ लोगों ने लालचवश शीर्ष नेतृत्व को गुमराह कर ऐसा कराया है। मैं इसका खुलासा शुक्रवार को मीडिया के सामने करूंगा और अनपी पीड़ा भी बताऊंगा।
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मोहम्मद नदीम अंसारी, पूर्व में मुरादाबाद देहात से घोषित कांग्रेस प्रत्याशी
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