आगे कहा कि मैं ऐसा डकैत हूं, जो चार बार मंत्री, दो बार एमपी और दसवीं बार विधायक रहा हूं। मेरी पत्नी राज्यसभा सदस्य और विधायक रहीं हैं, वो प्रोफेसर हैं। एमटेक किए मेरा बेटा दो बार का विधायक है। लेकिन हमारे ऊपर इतने मुकदमे लगा दिए। हमें माफिया बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने पूरी ताकत लगा दी है। उस गृह मंत्रालय को ये नहीं पता कि देश की सरहदों से आतंकी कहां आ रहे है। यूनिवर्सिटी के फाउंडर को एक नंबर का माफिया घोषित कर दिया।
आजम खां ने आगे कहा कि उदयपुर में जो घटना हुई है, मजहब इसकी इजाजत नहीं देता है। कन्हैया लाल की हत्या करने वाले भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मजहब के लिए किसी को कोई बयान देने का अधिकार नहीं है। लखनऊ के लुलु मॉल प्रकरण पर उन्होंने कहा कि हमने लुलु माल नहीं देखा। हम कभी मॉल नहीं जाते। हमने अपने कार्यकाल में सड़कें बनाईं, विकास किया। मॉल नहीं बनवाए।