सपा नेता आजम खां और अब्दुल्ला से जुड़े दो-दो मामले मुरादाबाद में विचाराधीन हैं। इसके अलावा, छजलैट के 15 साल पुराने एक मामले में इसी साल 13 फरवरी को पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने दो-दो साल की सजा सुनाई थी। अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी मामले की मुरादाबाद कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
रामपुर की कोर्ट से बुधवार को अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में सात-सात साल की सजा पाए सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो-दो मामले मुरादाबाद कोर्ट में भी विचाराधीन हैं। जबकि छजलैट के 15 साल पुराने एक मामले में इसी साल 13 फरवरी को अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए दो-दो साल की सजा सुनाई थी।
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दो जनवरी 2008 को आजम खां अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने वाहन चेकिंग के दौरान आजम खां की कार पुलिस ने रुकवा ली थी। जिसके विरोध में आजम खां सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे समेत अन्य सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
जिसमें आरोप लगा था कि इन्होंने भड़काऊ भाषण देकर जनता को उकसाया और रोड जाम कराकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। इस मामले की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में की गई थी। जिसमें अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी करार देते हुए 13 फरवरी 2023 को दो-दो साल की सजा और तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
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अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ आजम खां और अब्दुल्ला आजम ने जनपद न्यायाधीश की अदालत में अपील भी दायर की थी। छजलैट में दो फरवरी 2008 को दर्ज हुए केस में आजम खां लंबे समय तक कोर्ट में पेश नहीं हुए। तब एक अन्य मुकदमा आजम खां के खिलाफ दर्ज किया था। जिसमें अदालत के आदेश की अवमानना आरोप लगाया था।
इस केस की सुनवाई लघु वाद न्यायाधीश एमपी सिंह की अदालत में की जा रही है। इस मामले में आजम खां की ओर से अपने बचाव में गवाह पेश करना है। 30 अक्तूबर को इस मामले में सुनवाई होगी। अब्दुल्ला आजम ने छजलैट प्रकरण में हुई सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
जिसमें अब्दुल्ला की ओर से दावा गया है कि छजलैट में जब केस दर्ज किया गया था। तब वह नाबालिग था। इस कारण से उनके मुकदमे की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड द्वारा की जानी चाहिए थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जनपद न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई होनी है।
रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी मामले में भी आजम खां और अब्दुल्ला आजम आरोपी हैं। इस मामले की सुनवाई भी सुनवाई लघु वाद न्यायाधीश एमपी सिंह की अदालत में की जा रही है। इस मामले में वादी पक्ष की लगभग गवाही पूरी हो चुकी है। पीड़िता के रूप में जयाप्रदा के बयान होने बाकी है।
2019 के लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद कटघर क्षेत्र में सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। जिसमें जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के अलावा मुरादाबाद के सपा सांसद डॉ. एसटी हसन समेत अन्य आरोपी हैं। इस मामले में भी 30 अक्तूबर को सुनवाई होगी।
अब्दुल्ला आजम की उम्र निर्धारण के मामले में अब 25 को होगी सुनवाई
छजलैट प्रकरण में दो साल की सजा पाए अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर खुद को घटना के समय नाबालिग होने का दावा किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश मुरादाबाद को आदेशित किया था कि वह इस मामले की सुनवाई कर आजम अब्दुल्ला के नाबालिग होने या न होने का निर्णय करें।
जनपद न्यायाधीश ने इस मामले में दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर दिया था लेकिन आजम अब्दुल्ला को नोटिस तामील न होने की वजह से बुधवार को सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत ने इस मामले में 25 अक्तूबर को दोनों पक्षों को तलब किया है।