यूट्यूब गुरु से गुर सीख जिम्नास्ट बन पदक जीत रहीं छह छात्राएं
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मुरादाबाद के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की कक्षा दस और 11 की छह छात्राओं ने यूट्यूब को गुरु बना लिया और उससे वीडियो देखकर जिम्नास्टिक्स का अभ्यास किया और अब वे पदक जीत रही हैं। उनका चयन गोरखपुर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है। प्रधानाचार्य का कहना है कि उन्होंने तो टीम के प्रतिभाग तक की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन छात्राओं की लगन ने उन्हें राज्य स्तर तक पहुंचाया है। उन्होंने छात्राओं के राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में चयन होने की उम्मीद व्यक्त की।
लाइनपार के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में व्यायाम शिक्षक नहीं हैं। ऐसे में जब विभाग की ओर से खेल कैलेंडर जारी हुआ तो प्रधानाचार्य डॉ. मुक्ता अग्रवाल को कोच के अभाव में खेलों के लिए टीम न बनने की मायूसी थी। 11वीं की छात्रा निशा सैनी ने बताया कि वह अपने घर कभी-कभी वीडियो देखकर जिम्नास्टिक्स का अभ्यास करती थीं। उन्होंने अपनी प्रधानाचार्या को इसकी जानकारी दी और कहा कि वे प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराने की व्यवस्था करा दें। खिलाड़ियों को तैयार करना और प्रतियोगिता में खेलना वह कर लेंगी।
उन्होंने कक्षा 11 में साथ पढ़ने वाली लताशा, वर्षा सैनी, नंदिनी श्रीवास्तव, चारू सैनी और कक्षा दस की महक सैनी के साथ विद्यालय में प्रोजेक्टर पर वीडियो चलाकर अभ्यास शुरू कर दिया। पहले संकुल स्तर पर एसडीएम इंटर कॉलेज में टीम ने जीत दर्ज की तो सभी छात्राओं और प्रधानाचार्या का हौसला बढ़ा। उन्होंने अपना अभ्यास जारी रखा और पहले जनपद स्तर, फिर चंदौसी में मंडल स्तर पर भी विजेता बनीं। अब वे गोरखपुर में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगी।
मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं छात्राएं
सभी छात्राएं मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। छात्रा नंदिनी श्रीवास्तव ने बताया कि सभी के घरों में सीमित संसाधन हैं। उनके पिता टैक्सी चलाते हैं। नंदिनी को अपने ऊपर भरोसा नहीं था, लेकिन मेरे पापा ने कहा कि मैं जीत सकती हूं। पापा के भरोसे और निशा के सहयोग से मैं खेल सकीं। लताशा के अनुसार यदि कोच मिल जाते तो उनके प्रदर्शन में और निखार आता।
कोच का न होना छात्राओं के लिए बाधा नहीं बन सका। सीखने का जुनून और लगन की वजह से ही आज वे इस मुकाम पर पहुंच सकी हैं। मैंने तो सिर्फ उनके भरोसे पर विश्वास किया था, लेकिन उन्होंने अपने कॉलेज और परिजनों का नाम रोशन कर दिया है। इन छात्राओं पर सभी को नाज है।
-डॉ. मुक्ता अग्रवाल, प्रधानाचार्या, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज लाइनपार