मंत्री जी का दौरा था लिहाजा बुधवार को शहर की सभी सड़कें खाली करा दी गईं। मंत्री जी का काफिला फर्राटा भर सके, इसके लिए ट्रैफिक को जहां - तहां रोक दिया गया। ट्रैफिक पुलिस की इस कसरत में ऐसा जाम लगा कि पब्लिक तो दिनभर भटकी ही स्कूली बच्चों को भी घंटों जाम में तपना पड़ा। दिल्ली रोड पर स्कूली बसों को गांगन पर पुलिस ने सवा घंटा तक रोके रखा। इसके बाद स्कूली बच्चे पाकबड़ा - अगवानपुर बाईपास होकर दो घंटा देरी से घरों पर पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव हालांकि बुधवार को सुबह करीब ग्यारह बजे हेलीकाप्टर से सीधे सर्किट हाउस में उतरे थे। यूं तो उन्हें दिल्ली रोड पर आगे नहीं जाना था लेकिन मंत्री का काफिला सर्किट हाउस से पंचायत भवन तक पहुंचना था लिहाजा दिल्ली रोड पर ट्रैफिक गांगन तिराहे पर ही रोक दिया गया। रामपुर की ओर से आने वाला ट्रैफिक भी लाकड़ी बाईपास पर डायवर्ट करके गांगन तिराहे पर होते हुए दिल्ली रोड पर बढ़ा दिया गया। लेकिन जब तक शिवपाल शहर में मौजूद रहे दिल्ली रोड से किसी भी वाहन को शहर में नहीं घुसने दिया गया।
दोपहर सवा बारह बजे डीपीएस समेत बाकी स्कूलों की तमाम बसों को भी गांगन तिराहे पर ही पुलिस ने रोक लिया। सैकड़ों स्कूली छात्र - छात्राएं करीब डेढ़ बजे तक यहीं जाम में तपते रहे। इसके बाद इन बसों को वापस दिल्ली रोड पर ले जाया गया और टीएमयूु के पास से बागड़पुर बाईपास (पाकबड़ा- अगवानपुर बाईपास) होते हुए कांठ रोड पर होते हुए शहर में एंट्री दी गई।
इधर, बच्चे वक्त से घर नहीं पहुंचे तो घर वालों की बेचैनी बढ़ने लगी। परिजनों ने स्कूलों को फोन करने शुरू किए तो कभी स्कूल बस के स्टॉफ को फोन मिलाया। उधर, घंटों जाम में फंसे बच्चों का भी चेहरा लटक गया। मायूस बच्चे दो घंटा देरी से घर पहुंचे तो, मम्मियों से कुछ इसी अंदाज में शिकायत दर्ज कराई.. ‘शिवपाल अंकल के लिए पुलिस ने घंटों जाम में तपाया’।
ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था। स्कूली बसों को रोकने का आदेश नहीं था। डायवर्जन केवल रोडवेज बसों और भारी वाहनों के लिए था ताकि लोकोशेड पुल पर जाम न लगे। - शुएब इकबाल, एसपी ट्रैफिक।