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ठाकुरद्वारा प्रकरण: थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित, जांच के आदेश; अवैध वसूली के लिए दी थी दबिश

Fri, 27 Sep 2024 10:30 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद

सार

जांच में छह पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जबकि थाना प्रभारी सुदेशपाल सिंह की लापरवाही सामने आई है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने मामले में सात पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए हैं। 
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ठाकुरद्वारा में युवक की माैत के बाद बवाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ठाकुरद्वारा के तरफ दलपत गांव में युवक की मौत के बाद बवाल होने के मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में थाना प्रभारी सुदेश पाल सिंह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। डीआईजी मुनिराज जी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

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पुलिसकर्मियों ने अफसरों को बिना सूचना दिए अवैध खनन की सूचना पर दबिश दी थी, जबकि अफसरों ने पहले ही निर्देश दे रखे हैं कि अवैध खनन की सूचना पर पुलिसकर्मी बिना अफसरों को सूचित किए दबिश नहीं देंगे। पुलिसकर्मियों ने अवैध वसूली के चक्कर में दबिश दी।

इस मामले की जांच में छह पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जबकि थाना प्रभारी सुदेशपाल सिंह की लापरवाही सामने आई है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने थाना प्रभारी सुदेश पाल सिंह, दरोगा आकाश परमार, ऋषभ शर्मा, हेड कांस्टेबल नरेश लाटियान, अनीस, सिपाही अजीत सिंह और रविंद्र कुमार को निलंबित किया गया है।

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युवक की मौत के बाद बवाल, पुलिस पर हमला, तीन घायल
ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अवैध खनन के शक में पुलिस के पीछा करने पर तरफ दलपत गांव निवासी लोकेश उर्फ मोनू (27) की ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने से मौत हो गई। घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली के लिए हत्या कर शव ट्रैक्टर के नीचे दबाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव करने साथ पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडे लेकर दाैड़ा लिया। ग्रामीणों ने दो पुलिसकर्मियों और एक होमगार्ड की पिटाई कर उनकी वर्दी फाड़ दी। मृतक के पिता की शिकायत पर चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर ग्रामीण शांत हुए।

ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के तरफ दलपत गांव निवासी किसान धर्मपाल सिंह सैनी का बेटा लोकेश उर्फ मोनू (27) बृहस्पतिवार देर रात दो बजे खेत पर काम करने के लिए ट्रैक्टर लेकर गया था। कुछ देर बाद धर्मपाल सिंह और उनके परिवार के लोग खेत पर पहुंचे तो वहां लोकेश नहीं मिला। रात करीब ढाई बजे एक पुलिसकर्मी ने प्रधान के पति केशव सिंह को फोन कर पूछा कि लोकेश कहां खनन कर रहा है। इस पर प्रधान ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। तभी चार पुलिसकर्मी गांव पहुंचे और लोकेश की तलाश शुरू कर दी।

'अवैध खनन का आरोप लगा 20 हजार रुपये मांगे'
धर्मपाल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बेटे पर अवैध खनन करने का आरोप लगाया और 20 हजार रुपये मांगे। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एक अन्य ग्रामीण के खेत में लोकेश को पकड़ लिया उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ट्रैक्टर के पहिये के नीचे दबा दिया, जिससे हादसे का रूप दिया जा सके।
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घटना से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार सुबह छह बजे ठाकुरद्वारा-जसपुर रोड पर जाम लगा दिया। माैके पर पहुंची पुलिस पर हमला कर दिया। सिपाही अनीस, अर्जुन और होमगार्ड सुधांशु की पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर डीएम अनुज सिंह, एसएसपी सतपाल अंतिल और एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह पहुंच गए और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने धर्मपाल की तहरीर पर सिपाही अनीस और कोतवाल के ड्राइवर नरेश कुमार और दो अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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