युवक की मौत के बाद बवाल, पुलिस पर हमला, तीन घायल
ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अवैध खनन के शक में पुलिस के पीछा करने पर तरफ दलपत गांव निवासी लोकेश उर्फ मोनू (27) की ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने से मौत हो गई। घटना से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली के लिए हत्या कर शव ट्रैक्टर के नीचे दबाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पथराव करने साथ पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडे लेकर दाैड़ा लिया। ग्रामीणों ने दो पुलिसकर्मियों और एक होमगार्ड की पिटाई कर उनकी वर्दी फाड़ दी। मृतक के पिता की शिकायत पर चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर ग्रामीण शांत हुए।
ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के तरफ दलपत गांव निवासी किसान धर्मपाल सिंह सैनी का बेटा लोकेश उर्फ मोनू (27) बृहस्पतिवार देर रात दो बजे खेत पर काम करने के लिए ट्रैक्टर लेकर गया था। कुछ देर बाद धर्मपाल सिंह और उनके परिवार के लोग खेत पर पहुंचे तो वहां लोकेश नहीं मिला। रात करीब ढाई बजे एक पुलिसकर्मी ने प्रधान के पति केशव सिंह को फोन कर पूछा कि लोकेश कहां खनन कर रहा है। इस पर प्रधान ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। तभी चार पुलिसकर्मी गांव पहुंचे और लोकेश की तलाश शुरू कर दी।
'अवैध खनन का आरोप लगा 20 हजार रुपये मांगे'
धर्मपाल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बेटे पर अवैध खनन करने का आरोप लगाया और 20 हजार रुपये मांगे। पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एक अन्य ग्रामीण के खेत में लोकेश को पकड़ लिया उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ट्रैक्टर के पहिये के नीचे दबा दिया, जिससे हादसे का रूप दिया जा सके।
घटना से गुस्साए लोगों ने शुक्रवार सुबह छह बजे ठाकुरद्वारा-जसपुर रोड पर जाम लगा दिया। माैके पर पहुंची पुलिस पर हमला कर दिया। सिपाही अनीस, अर्जुन और होमगार्ड सुधांशु की पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर डीएम अनुज सिंह, एसएसपी सतपाल अंतिल और एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह पहुंच गए और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस ने धर्मपाल की तहरीर पर सिपाही अनीस और कोतवाल के ड्राइवर नरेश कुमार और दो अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।