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भाइयों के हाथ कांपे न मां की ममता जागी: परिवार ने इसलिए की किशोरी की हत्या, विनीत ने इस कारण यहां छोड़ा था फोन

Mon, 23 Sep 2024 02:58 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

यूपी के संभल में एक किशोरी की भाइयों ने मां और मामा के साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस ने मां और भाइयों को जेल भेज दिया है। मामा की तलाश में दबिश जारी है। 
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Murder in sambhal - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव भमोरी पट्टी निवासी बबीता (17) की हत्या उसके ही बड़े भाइयों विनीत और नीरज ने अपने मामा महावीर के साथ मिलकर की थी। झूठी आन के लिए रची गई हत्या की साजिश में किशोरी की मां बृजवति भी शामिल रही। एसपी कृष्ण कुमार ने रविवार को हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस ने किशोरी की मां और भाइयों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मामा की तलाश की जा रही है।
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एसपी ने रविवार को घटना का खुलासा करते हुए कहा कि पूछताछ में किशोरी के बड़े भाई विनीत ने बताया है कि उसका परिवार गाजियाबाद में लिंक रोड थाना क्षेत्र में किराये के मकान में 15 वर्ष से रह रहा है। बहन के प्रेम प्रसंग के कारण काफी बदनामी हो रही थी। इसीलिए उसकी हत्या के लिए साजिश रची थी। इसमें मामा महावीर को भी शामिल किया।

विनीत ने बताया कि बुधवार की दोपहर में मां और बहन निजी बस से गांव के लिए गाजियाबाद से रवाना हुई थीं, लेकिन वह बाइक से पहले ही रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव हिरौनी निवासी अपने मामा महावीर के घर पहुंच गया था। इसके बाद वह और उसका मामा कार से गांव भमोरी पट्टी के नजदीक पहुंचकर इंतजार करने लगे।
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रात करीब 10 बजे छोटा भाई नीरज बाइक से बहन और मां को लेकर गांव की ओर चला तो उसने सारी जानकारी फोन पर दी। जैसे ही नीरज बाइक लेकर गांव के नजदीक पहुंचा। पहले से ही रास्ते में खड़े विनीत ने बहन के बाल खींचकर बाइक से गिरा दिया। पिस्टल से पहली गोली सिर में और दूसरी गोली सीने में मारी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
 

आरोपी ने बताया कि वह रात में ही बाइक से वापस गाजियाबाद पहुंच गया, जिससे किसी को उस पर शक न हो। नीरज ने पड़ोसी युवक रिंकू और उसके मामा पप्पू पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचे।

इसके अलावा अलग-अलग तरीके से दिए गए बयानों से भी शक यकीन में बदल गया था। इसके बाद ही आगे छानबीन बढ़ाई और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच के दाैरान रिंकू और पप्पू के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले थे। एसपी ने हत्या का खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।

ट्रेस न हो इसलिए गाजियाबाद में छोड़ आया था फोन
विनीत ने बहन की हत्या के लिए गहरी साजिश रची थी, लेकिन पुलिस की छानबीन में पर्दाफाश हो गया। आरोपी जब गाजियाबाद से बाइक लेकर चला तो अपना फोन साथ में काम करने वाले युवक को दे आया था। उसका फोन लेकर वारदात को अंजाम देने के लिए गांव आया और हत्या के बाद रात में ही वापस गाजियाबाद पहुंच गया, जिससे उसका फोन ट्रेस न हो सके और किसी को शक न हो। हालांकि, कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में वह कैद हो गया। पहचान होने के बाद पुलिस ने पूछताछ की तो हकीकत सामने आ गई।
 

सबसे छोटी थी बबीता, न भाइयों को तरस आया, न मां की ममता जागी
दो बहन और दो भाइयों में बबीता सबसे छोटी थी। परिवार के लोगों ने इसके बाद भी उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। बड़े भाई ने जब पहली गोली सिर में मारी तो उसने भागने का प्रयास किया और कुछ पल के लिए संघर्ष किया, लेकिन नीरज ने बबीता को पकड़ लिया। इसी दौरान विनीत ने दूसरी गोली सीने में उतार दी और बबीता वहीं ढेर हो गई।

माैत की पुष्टि होने पर चारों आरोपी वहां से भाग गए। मां ने आंखों के सामने बेटी की हत्या होते हुए देखी, लेकिन कोई विरोध नहीं किया। भाइयों के भी बहन को मारते हुए हाथ नहीं कांपे। बाद में षड्यंत्र के तहत आरोपियों ने हत्या का आरोप पड़ोसी युवक और उसके मामा पर लगा दिया। गांव के लोगों को जब हत्याकांड के खुलासे की जानकारी हुई तो हर कोई सन्न रह गया।

किशोरी के अपहरण में जेल गए थे मामा-भांजे
किशोरी के पिता प्रीतम सिंह ने 23 फरवरी 2024 को गाजियाबाद के थाना लिंक रोड में बबीता के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें रिंकू पर बहला-फुसलाकर किशोरी को ले जाने का आरोप था। उसके मामा पप्पू को भी आरोपी बनाकर जेल भेजा गया था।

रिंकू को तीन मार्च 2024 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रिंकू घटना के समय नाबालिग था। उसको जमानत 30 अगस्त को मिली। इसके बाद से वह गांव में ही रह रहा था। किशोरी के परिजनों ने साजिश रचते हुए हत्या का आरोप मामा-भांजे पर इसलिए लगाया था कि फिर वे जेल चले जाएंगे, लेकिन पुलिस की जांच में षड्यंत्र का खुलासा हो गया।

सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस टीम खुलासे में बनी मददगार
पुलिस ने वारदात की रात को मौके से साक्ष्य एकत्र किए और बृहस्पतिवार को सारा दिन आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस फुटेज से मदद मिली तो सर्विलांस की टीम ने अपनी छानबीन की। आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद जब पुलिस ने पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया।

भाइयों के हाथ कांपे न मां की ममता जागी
संभल के कैलादेवी थाना इलाके के गांव भमोरी पट्टी निवासी बबीता (17) की हत्या उसकी मां बृजवती के सामने ही हुई थी। दो बहन और दो भाइयों में बबीता सबसे छोटी थी। उसके प्रेम प्रसंग के कारण परिजन इतने आक्रोश में थे कि हत्या करते समय किसी का दिल नहीं पसीजा।

बड़े भाई विनीत ने जब पहली गोली सिर में मारी तो उसने भागने का प्रयास किया और कुछ पल के लिए संघर्ष किया, लेकिन दूसरे भाई नीरज ने बबीता को पकड़ लिया। इसी दौरान विनीत ने दूसरी गोली सीने में उतार दी और बबीता वहीं ढेर हो गई। मां ने आंखों के सामने बेटी की हत्या होते हुए देखी, लेकिन कोई विरोध नहीं किया।

 

भाइयों के भी बहन को मारते हुए हाथ नहीं कांपे। किशोरी का मामा महावीर भी वहीं खड़ा रहा। माैत की पुष्टि होने पर चारों आरोपी वहां से भाग गए। बाद में षड्यंत्र के तहत आरोपियों ने हत्या का आरोप पड़ोसी युवक रिंकू और उसके मामा पप्पू पर लगा दिया।

घटना के बाद से गांव के लोग रिंकू और उसके मामा को ही आरोपी समझ रहे थे, लेकिन जब खुलासा हुआ तो सभी हैरान हो गए। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि मां के सामने ही उसकी बेटी की हत्या हो गई और उसने चूं तक नहीं किया। जिन भाइयों की कलाई पर बबीता राखी बांधती थी, उन्हीं ने उसे माैत के घाट उतार दिया। मामा भी इस पूरे हत्याकांड में शामिल रहा। हत्या के बाद सभी लोग रो-रोकर ढोंग कर रहे थे। क्षेत्र में पूरे दिन यह घटना चर्चा का विषय बनी रही।
 

किशोरी के अपहरण में जेल गए थे मामा-भांजे
किशोरी के पिता प्रीतम सिंह ने 23 फरवरी 2024 को गाजियाबाद के थाना लिंक रोड में बबीता के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें रिंकू पर बहला-फुसलाकर किशोरी को ले जाने का आरोप था। उसके मामा पप्पू को भी आरोपी बनाकर जेल भेजा गया था। रिंकू को तीन मार्च 2024 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रिंकू घटना के समय नाबालिग था। उसको जमानत 30 अगस्त को मिली। इसके बाद से वह गांव में ही रह रहा था। किशोरी के परिजनों ने साजिश रचते हुए हत्या का आरोप मामा-भांजे पर इसलिए लगाया था कि फिर वे जेल चले जाएंगे, लेकिन पुलिस की जांच में षड्यंत्र का खुलासा हो गया।
 

सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस टीम खुलासे में बनी मददगार
पुलिस ने वारदात की रात को मौके से साक्ष्य एकत्र किए और बृहस्पतिवार को सारा दिन आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस फुटेज से मदद मिली तो सर्विलांस की टीम ने अपनी छानबीन की। आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित होने पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद जब पुलिस ने पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया।
 

घटना से एक घंटे पहले ही पप्पू के पिता का हुआ था निधन
गांव भमोरी पट्टी निवासी रिंकू और रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सेतुआ निवासी पप्पू मामा-भांजे हैं। पप्पू के पिता जुगली काफी समय से बीमार थे। बुधवार की रात करीब नाै बजे उनका निधन हो गया था। रिंकू गांव सेतुआ में ही मौजूद था। घटना करीब रात 10:30 बजे हुई तो पुलिस को रिंकू और पप्पू द्वारा हत्या किए जाने की जानकारी दी गई। पुलिस की टीम सक्रिय हुई। गांव सेतुआ पहुंची तो पप्पू और रिंकू मौके पर ही मिल गए।

रिंकू ने बताया कि पप्पू उसका मामा है और उसके नाना जुगली का निधन हो गया है। वह काफी समय से गांव में ही है। पुलिस को उनकी बात पर यकीन हुआ, लेकिन नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के कारण पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। सर्विलांस और अन्य माध्यम से छानबीन में सामने आया कि पप्पू और रिंकू का हत्या में हाथ नहीं है। इसके बाद ही परिवार की ओर शक की सूई घूम गई और पुलिस ने छानबीन आगे बढ़ाई तो आरोप दबोच लिए गए।

 
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किशोरी की हत्या उसके दो भाइयों ने मामा के साथ मिलकर की थी। मां भी इस हत्या की साजिश में शामिल रही। किशोरी की मां और दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। किशोरी के मामा की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। - कृष्ण कुमार, एसपी, संभल।
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