एक साल तक बच्चे का रखें विशेष ध्यान
शहर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग मेहरोत्रा ने बताया कि डेक्स्ट्रोकार्डिया 10-12 हजार बच्चों में से एक को हो सकता है। ऐसी स्थिति में गर्भ के दौरान शिशु का ह्रदय दाईं ओर चला जाता है। दिल के अलावा लिवर भी बाईं ओर जा सकता है। आंतें भी अपने स्थान से दूसरी तरफ शिफ्ट हो सकती हैं।
यदि पूरी स्थिति ही उल्टी हो तो इसे साइटस इनवर्टस कहते हैं। इसमें भी बच्चों को जीवन भर परेशानी आने की संभावना कम ही रहती है। केवल दिल में मामले में परिजनों को शुरुआती एक साल में ध्यान रखना होगा।
माता-पिता ने नाम रखा है आयजा
एक माह पहले जन्म लेने वाली बच्ची विचित्र परिस्थितियों को लेकर सबका ध्यान आकर्षित कर रही है। परिजन उसकी विशेष देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने अपनी लाडली का नाम आयजा रखा है। आयजा अपने माता-पिता की पहली संतान है। आसपास के लोग व रिश्तेदार भी लगातार बच्ची को लेकर परिवार से बातचीत कर रहे हैं।