एसबीआई मुख्य शाखा के एटीएम से रकम निकालने के लिए लाइन में खडे़ लोग।
- फोटो : अमर उजाला
बैंक खातों में एक दिसंबर से वेतन आना शुरू हो जाएगा, लेकिन वेतन निकालना टेढ़ी खीर साबित होगा। महीने के खर्च के लिए लोगों को बैंक की लाइन में लगना होगा। लेकिन वहां से पूरा पैसा मिलना मुशि्कल होगा। ऐसे में घर का सामान खरीदने के लिए या तो स्वैप कार्ड प्रयोेग करें या फिर हर रोज दो हजार रुपये के लिए लाइन में।
वहीं अधिकांश फर्म, फैक्ट्री संचालक और यहां तक कि कारखानेदार तक अपने कर्मचारियों के खाते खुलवा रहे हैं। सैलरी अब खाते के माध्यम से ही दी जाएगी। ऐेसे में अब बैंकों के बाहर लाइनें लंबी होना शुरू हो जाएंगी। ऐसे में ई वालेट ही सहारा बचा है। पेटीएम का सहारा लेकर आप अपनी सैलरी खर्च कर सकते हैं।
एक तारीख नजदीक आते ही नौकरीपेशाओं को सैलरी का बेसब्री से इंतजार रहता है। लेकिन इस बार मामला उलटा ही है। अभी सब लोगों की जेब खाली है। पैसे की सभी को जरूरत है। लेकिन हालत ऐसी है कि पैसा निकाल ही नहीं पा रहे हैं। नवंबर का महीना भी लोगों पैसा होने के बावजूद तंगी में काट लिया।
अब एक दिसंबर से अधिकांश को वेतन मिलना शुरू हो जाएगा। लेकिन लोगों को वेतन की उतनी चिंता नहीं जितनी कि खाते से रुपया निकालने के लिए लाइन में लगने की है। पिछले महीने में घर में राशन जैसे तैसे चल गया, लेकिन असली परेशानी इस बार होगी।
बैंकों में कैश नहीं है और लंबी लंबी लाइन लगी हुई हैं। घंटों लाइन में लगने के बावजूद गारंटी नहीं मिल पैसा मिल ही जाएगा। ये स्थिति कब तक चलेगी कहा नहीं जा सकता। छोटे नोट किसी के पास नहीं है। ऐसे में सबसे अच्छा तरीका तनख्वा खाते में ही दी जाए। अब घर चलाने के लिए लोगों को छुट्टी लेकर बैंक के बाहर लाइन लगानी पड़ेगी।