बैंकों में कैश का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सभी बैंकों में छोटी करेंसी नहीं होने और दो हजार के नए नोट भी नहीं मिल पाने के कारण बैंकों के पास करेंसी लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में बैंक में चेक से कैश लेने पहुंचे लोगों को लौटना पड़ रहा है।
अगर ग्राहक उसी चेक पर पुरानी रकम काटकर नई रकम भरता है तो भी चेक स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में अच्छा यही रहेगा कि बैंक जाएं तो चेकबुक साथ लेकर जाएं। ताकि जरूरत पर दूसरा चेक भर सकें। बैंकों को आरबीआई की ओर से कैश उपलब्ध मिलने में दिक्कत हुई हैं।
अभी तक जरूरत के अनुसार कैश नहीं मिलने से बैंकों के बाहर से लाइन कम होने का नाम नहीं ले रही। हर दिन ब्रांचों को जितना कैश उपलब्ध कराया जाता है दो से तीन घंटों में कैश बंट जाता है। एटीएम से भी कैश मिलना मुश्किल हो गया है। जिसके चलते लोग चेक भरकर बैंकों के बाहर लाइन लगाए खड़े हैं।
लेकिन सभी को कैश उपलब्ध करा पाना मुश्किल है। विल्ड्राल फार्म में भर रहे हैं उतना पैसा नहीं दे पा रहे हैं। चेक पर भरी गई रकम को लेकर नोकझोंक और बहस हो रही है। 24 हजार की रकम भरने पर चेक पर काटपीट नहीं हो पाने के कारण लाइन में लगे व्यक्ति को लौटा दिया जाता है। अगर उसके पास दूसरा चेक है और वह उसमें कम रकम भरकर दे देता है तो रुपये मिल जाते हैं नहीं तो खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।