मुरादाबाद। मझोला थाना क्षेत्र में आरएसएस के सह नगर कार्यवाह राकेश कुमार सिंह की हत्या उनके फुफेरे भाइयों ने ही साजिश रच कर की थी। पुलिस ने गुरुवार दोपहर हत्याकांड की साजिश रचने वाले आरोपी फुफेेरे भाई नरेश और उसके भांजे अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि जहर का इंजेक्शन लगाने वाला दूसरा फुफेरा भाई प्रदीप और उसका एक अन्य दोस्त फरार हैं। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए का दावा है कि आरोपियों ने संपत्ति के विवाद में जहर का इंजेक्शन लगाकर हत्या की थी।
डिप्टी एसपी इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि मझोला थाना क्षेत्र के कांशीराम नगर निवासी रेनू देवी ने मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि 14 अक्तूबर की रात करीब सवा दस बजे उसके पति राकेश कुमार सिंह (48) लाइनपार से घर लौट रहे थे। स्कूटी पर राकेश के साथ उनके मौसेरे भाई अरविंद भी थे। जब इनकी स्कूटी कांशीराम नगर में बुद्ध पार्क के पास पहुंची थी। इसी दौरान मझोला के बसंत विहार चैतिया फार्म हाउस निवासी राकेश के फुफेरे भाई प्रदीप व नरेश और संभल के असमोली थाना क्षेत्र के सेंधरी निवासी इनका बहनोई रामवीर सिंह आ गए थे। आरोपियों ने राकेश के कंधे में जहर का इंजेक्शन लगा दिया था। जिसके चलते उपचार के दौरान रविवार को राकेश कुमार सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने केेस में 302 और 120 बी की धारा बढ़ाने के बाद तफ्तीश शुरू की थी। इस मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी नरेश कुमार और उसके सगे भांजे अभिषेक निवासी उमरी सब्जीपुर थाना पाकबड़ा को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी नरेश ने कबूला है कि उसने अपने ममेरे भाई राकेश के साथ मिलकर एक प्लाट खरीदा था, जिसका बैनामा नरेश के नाम पर किया गया था। अब राकेश अपने 18 लाख रुपये वापस मांग रहे थे। इसी चलते आरोपी नरेश ने अपने भाई प्रदीप के साथ मिलकर राकेश की हत्या करने की साजिश रची थी। घटना से एक दिन पहले आरोपी एक निजी अस्पताल में भर्ती हो गया था, जबकि उसने अपने भाई प्रदीप, भांजे अभिषेक और प्रदीप के एक दोस्त को जहर का इंजेक्शन लगाकर हत्या करने की जिम्मेदारी सौंप दी थी। आरोपी अभिषेक ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह बाइक चला रहा था, जबकि उसके दूसरे मामा प्रदीप जहर का इंजेक्शन सिरिंज में भरकर बाइक पर बीच में बैठ गए थे, जबकि प्रदीप का दोस्त बाइक पर सबसे पीछे बैठा हुआ था। स्कूटी के पास में आकर प्रदीप ने राकेश के कंधे में इंजेक्शन लगा दिया था। इसके बाद वह मौके से भाग गए थे। मझोला थाना प्रभारी जीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नरेश और अभिषेक को गुरुवार दोपहर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। घटना में शामिल रहे अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती हो गया था मास्टर माइंड नरेश
मुरादाबाद। सीओ ने बताया कि नामजद आरोपी नरेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह तो घटना के समय अस्पताल में भर्ती था। आरोपी ने अस्पताल में भर्ती और डिस्चार्ज होने के कागजात भी पुलिस को दिखाए। पुलिस ने अस्पताल जाकर संपर्क किया तो डाक्टर ने बताया कि नरेश की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य आई थीं। उसे कोई बीमारी नहीं थी। बावजूद इसके वह केवल जांचें कराने के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। तब उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होना साजिश का एक हिस्सा था। ताकी कोई उस पर शक न कर सके। इंजेक्शन लगाने के बाद आरोपी अभिषेक अस्पताल में ही अपने मामा के पास पहुुंच गया था, जबकि प्रदीप अपने दोस्त के साथ कहीं दूसरी जगह चले गए थे। अगले दिन आरोपी नरेश डिस्चार्ज होने के अपने मांजे के साथ चला गया था।
एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हुए थे राकेश
मुरादाबाद। मझोला के कांशीराम नगर निवासी राकेश कुमार सिंह(48) एयरफोर्स से सेवानिवृत्त होने के बाद प्रॉपर्टी डीलर का काम करने लगे थे। इसके अलावा उन पर आरएसएस में सह नगर कार्यवाह का दायित्व था। राकेश कुमार कांशीराम नगर में ही पत्नी रेनू देवी, एक बेटी खुशी (13) और दो बेटे धैर्य (09) और सहज (04) रहते थे। हंसी खुशी से रह रहे इस परिवार की खुशियों में रिश्तेदारों ने ही जहर घोल दिया। राकेश अपने बड़े बेटे को आर्मी स्कूल में दाखिल दिलाने की तैयारी कर रहे थे। 00000
23 साल पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है आरोपी नरेश
मुरादाबाद। थाना प्रभारी जीत सिंह ने बताया कि आरोपी नरेश कुमार तेइस साल पहले भी एक हत्या के मामले में जेल भेजा गया था। आरोपी ने संभल के नखासा थानाक्षेत्र में तिलक समारोह में गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इस हमले में आरोपी के खिलाफ हत्या और जान लेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। जमानत पर आरोपी बाहर गया था।