जवानों का अपमान कर रहे राहुल गांधी- रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी सेना के जवानों का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने गलवान घाटी में शहादत दी थी। उन्होंने कहा कि उरी और पुलवामा में पाकिस्तान से आकर आतंकवादियों ने हमारे जवानों को धोखे से मार डाला था। इसके बाद हमारे प्रधानमंत्री ने क्षण भर में फैसला कर दिया और हमारे जवानों ने पाकिस्तान की धरती पर जाकर सर्जिकल व एयर स्ट्राइक की और आतंकवादियों के ठिकाने का सफाया किया था।
मुरादाबाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विकास की पहली शर्त चुस्त-दुरुस्त कानून व्यवस्था है। जब कानून का शासन होगा तो विकास अपने आप योगासन करेगा। उन्होंने कहा कि योगासन 84 तरह के होते हैं, जिसमें से 83 तरह के आसन तो हम लोग कर रहे हैं। एक आसन हमने विपक्ष के लिए छोड़ दिया है वह है शीर्षासन। ये जब सत्ता में आते हैं तो विकास समाप्त हो जाता है।
रक्षा मंत्री भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में कर रहे थे जनसभाएं
राजनाथ सिंह गुरुवार को अमरोहा के नौगांवा सादात भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र नागपाल और मुरादाबाद के कांठ भाजपा प्रत्याशी राजेश कुमार चुन्नू के समर्थन में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लाल टोपी वालों की नैया डूबने वाली है। इनकी जब सरकार आती है तो गुंडागर्दी बढ़ जाती है। जाति धर्म की राजनीति होने लगती है। भ्रष्टाचार की गंगा बहने लगती है। सपा और बसपा की सरकार की कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, कई तो अभी भी जेल में हैं।
भाजपा की सरकार चाहे वह केंद्र में हो या प्रदेश की किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं। हो सकता है कि किसी के खिलाफ राजनीतिक मुकदमे हों, लेकिन भ्रष्टाचार के नहीं हैं। इनके मंत्रियों पर तो भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने कहा कि गुंडे, बदमाशों और माफियों से हमारे बुलडोजर वाले बाबा अच्छी तरह से निपटते हैं। वो ना सिर्फ माफिया की कब्जे वाली जगह पर बुलडोजर चलवाते हैं, बल्कि उस जमीन पर गरीबों के आवास बनवा देते हैं। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस के लोग लोगों को जाति-धर्म के आधार पर बांटना चाहते हैं।
पहले जब सपा की सरकार आती थी तो गुंडे-बदमाश भी लाल बत्ती लगी गाड़ी में घूमने लगते थे। पुलिस भी उनको नहीं रोकती थी। हमने लाल बत्ती की व्यवस्था ही समाप्त कर दी। भाजपा की सरकार ने वीआईपी कल्चर को समाप्त कर ईपीआई (एवरी पर्सन इंपोर्टेंट) की व्यवस्था शुरू की। गणतंत्र दिवस वाले दिन विशिष्ट दीर्घा में गरीब लोग को जगह दी गई।