दो दिन से हो रही बारिश के कारण सामान्य जन जीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है। रेलवे ट्रैकों पर पेड़ गिरने और पानी आने से मंडल में दर्जनों रेल गाड़ियों का संचालन बाधित हो गया तो वहीं बिलारी में एक मकान गिरने से महिला की मौत हो गई। कई जगह जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश ने बिजली व्यवस्था को भी चौपट कर दिया।
पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है। शुक्रवार देर रात तक झमाझम बारिश हुई। बारिश का सबसे ज्यादा असर रेल गाड़ियों के संचालन पर आया। मुरादाबाद रेल मंडल स्थित बिजनौर, नगीना, करना, मंडी धनौरा में ट्रैकों पर पानी आ गया। इसके अलावा कई जगह पेड़ गिरने की भी सूचना आई। ओएचई वायर टूटने पर स्थिति और खराब हो गई। ऐसे में एक दर्जन से ज्यादा रेलागाड़ियों को बीच में ही रोकना पड़ा। टीमें लगाकर शनिवार दोपहर तक ट्रेनों का संचालन शुरू कराया जा सका।
दूसरी तरफ बिलारी कोतवाली के स्योंडारा गांव में घटना हुई। यहां के किसान राजेश कुमार का पाल मोहल्ले में तालाब के निकट दो मंजिल मकान बना हुआ था। गुरुवार की रात राजेश कुमार अपनी पत्नी चैना देवी (45) और 12 वर्षीय छोटे बेटे बॉबी के साथ सो रहा था। जबकि उसके दोनों बड़े बेटे मुनेंद्र और वीर बाबू पड़ोस में ही राजेश के पिता भोजराज सिंह के मकान में सो रहे थे।
आधी रात के बाद लगभग एक बजे अचानक तेज बारिश होने के साथ हवाएं चलने लगीं। राजेश के मुताबिक पहले उसके मकान की दीवार गिरी। दीवार गिरते ही मकान भी भरभरा कर ढह गया। छत के मलबे में राजेश, चैना देवी और बॉबी तीनों दब गए। पड़ोसियों ने किसी तरह से लोगों को मलबे से निकाला लेकिन चैना देवी की मलबे में दबने से मौत हो गई। राजेश तथा बॉबी को बिलारी सीएचसी पर भर्ती कराया गया।