चुनाव में भेजी गई मेरठ डिपो की एक बस के ड्राइवर ने तेल में खेल कर दिया। बस से एक माह में 250 लीटर डीजल निकाल कर जमा कर लिया। मंगलवार को यह बस वाराणसी से वापस आ रही थी। मूंढापांडे टोल पर परिवहन निगम के यातायात अधीक्षक महेंद्र सिंह ने चेकिंग में डीजल से भरे पांच टैंक पकड़ लिए। पांचों ड्रमों में पचास-पचास लीटर डीजल पाया गया। चेकिंग टीम ने डीजल को जब्त कर लिया और ड्राइवर को बस समेत पीतलनगरी डिपो ले आए।
ड्राइवर ने डीजल के ड्रम बस की डिक्की में छिपा रखे थे। पीतलनगरी डिपो की कार्यशाला लाकर डीजल के ड्रम सील कर दिए गए। अधिकारियों की निगाह बची तो आरोपी ड्राइवर विनीत कुमार बस लेकर कार्यशाला से बाहर निकल गया। पीतलगनरी डिपो के एआरएम शिव बालक ने फौरन एक पिकअप को बस के पीछे लगा दिया। पाकबड़ा के पास ड्राइवर को पकड़ लिया गया। यातायात अधीक्षक ने बताया कि आरोपी ड्राइवर मेरठ परिक्षेत्र में संविदा पर तैनात है। चुनाव में भेजी जाने वाली बसों में अतिरिक्त डीजल डाला जाता है। इस तरह तकरीबन एक माह में आरोपी ने बस से निकालकर 250 लीटर डीजल जमा कर लिया। डीजल का बाजार मूल्य 87.87 प्रति लीटर रुपये के अनुसार पांच ड्रमों में भरे हुए डीजल की कीमत 21,967 रुपये है। इस मामले की जांच रिपोर्ट भरकर मेरठ के क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा को भेज दी गई है। परिवहन निगम के नियमानुसार आरोपी ड्राइवर की सेवा समाप्त की जा सकती है।