पेट्रोल पंप वाले चोर हाईटेक हो गए हैं। मीटर में गलत फीडिंग करके पेट्रोल और डीजल चोरी करने वाले चोर अब रिमोट और मैसेज के जरिये लोगों को लूटने लगे हैं। लेकिन प्रशासन की टीम टेक्नीकल तौर पर बेहद कमजोर है।
देश भर में हल्ला मचने के बाद भी अफसरों को ये जानकारी नहीं कि इलेक्ट्रॉनिक चिप और डिवाइस कहां लगाई गई हैं। अब भी टीम उन्हीं पुराने उपकरण से ही तेल को माप कर चेक करती नजर आ रही है।
जबकि बाट माप वाले तो अपने उपकरण तक लेकर पेट्रोल पंपों पर नहीं पहुंचे। जिन पेट्रोल पंपों पर छापेमारी की गई उनके ही उपकरण से पेट्रोल और डीजल मापा गया। तो फिर कैसे पेट्रोल पंपों पर हो रही लूट पर लगाम लगेगी।
जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार, एसीएम वन शैलेंद्र कुमार, एसीएम टू राम प्रकाश और बाट माप टीम ने गांगन तिराहे पर छापा मारा। यहां बाप माप वालों से कहा गया कि वह अपने बाट और पेट्रोल डीजल मापने के उपकरण निकाले।
लेकिन उनके पास कोई उपकरण नहीं था। पंप वालों से ही उपकरण लिए। इसके बाद चेकिंग गई। जब उपकरण पंप वालों के थे तो घटतौली पकड़ी जाना संभव नहीं था। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक चिप व डिवाइस चेक करने की बारी आई।
तो अधिकारी एक दूसरे को ही देखते नजर आए। उन्होंने मशीन खुलवा लो ली। लेकिन उनके टेक् नीकल कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद उन्होंने लखनऊ को वो वीडियो अपने मोबाइल पर देखा तो दो दिन से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें पेट्रोल पंप पर इलेक्ट्रॉनिक चिप दिखाई जाती है।