फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad: पद्मश्री सुशील सहाय का निधन, मेंथा की नई प्रजाति की थी विकसित, 1974 में लड़े थे विधानसभा चुनाव

Wed, 15 May 2024 11:44 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

बिलारी के रहने वाले पद्मश्री सुशील सहाय का निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। सहाय को मेंथा की शिवालिक प्रजाति विकसित करने पर तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने पद्मश्री से सम्मानित किया था। वह 1974 में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके थे। 
विज्ञापन
पद्मश्री सुशील सहाय और बगल में खड़े गमगीन परिजन - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेंथा की शिवालिक प्रजाति विकसित करने वाले पद्मश्री सुशील सहाय (80) का निधन हो गया। 2005 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उनको पद्मश्री से सम्मानित किया था। वह पंतनगर कृषक क्लब के अध्यक्ष भी रहे।

विज्ञापन


बिलारी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष साहू सुनील सहाय के बड़े भाई व पद्मश्री साहू सुशील सहाय लंबे समय से बीमार चल रहे थे। नगलिया जट गांव स्थित फार्म हाउस हर विलास पर उन्होंने मंगलवार को अंतिम सांस ली। पद्मश्री सुशील सहाय के निधन की खबर मिलते ही उनके फार्म हाउस पर लोगों की भीड़ लग गई।

बुधवार (आज) अमरोहा के ब्रजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बिलारी के साहू परिवार में मोहल्ला महाजनान के शंकर भवन में आठ फरवरी 1944 को सुशील सहाय का जन्म हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी की पढ़ाई की।
विज्ञापन


इसके बाद उन्होंने बिलारी में आकर खेती के काम को भी संभाला। रामपुर जिले में रामपुर इंडस्ट्री लिमिटेड के नाम से उनकी कंपनी है, जिसके अधीन कई औद्योगिक इकाईं स्थापित हैं। उन्होंने मशरूम की अच्छी पैदावार के लिए कई नए तरीके व रामपुर में ही मेंथा की फसल की नई शिवालिक प्रजाति विकसित की थी।

2005 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। सुशील सहाय ने 1974 में कुंदरकी विधानसभा सीट से भारतीय क्राांतिदल के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि हार गए थे।

सुशील सहाय पंतनगर कृषक क्लब के अध्यक्ष भी रहे। उनके करीबियों के मुताबिक साहू सुशील घुड़सवार भी थे। सुशील बिलारी के शंकर सहाय हर सहाय कन्या इंटर कॉलेज की कार्यकारिणी के अध्यक्ष भी रहे।

सुशील सहाय के परिवार में उनकी पत्नी साहिन आशा सहाय के अलावा बेटी सुचिता व सुनैना है। सुनैना की शादी मुरादाबाद के सीएल गुप्ता निर्यात फर्म परिवार में मुदित गुप्ता से हुई है।
विज्ञापन


सुशील के छोटे भाई सुनील सहाय राष्ट्रीय स्तर पर कई कार रैली जीत चुके हैं। सुनील सहाय नगरपालिका बिलारी के अध्यक्ष भी रहे हैं। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें