ठाकुरद्वारा से चार माह के मासूम राजकुमार उर्फ दीपू को निसंतान दंपती ने अगवा किया था। आरोपी उसे पालने के लिए महाराष्ट्र के नागपुर ले गए थे। पुलिस ने पति पत्नी को गिरफ्तार करने के बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चे को उसके मां बाप को सौंप दिया गया है।
एसपी देहात हेमराज मीणा ने बताया कि जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है। जबकि कंपनी में साथ काम करने वाले छतरपुर निवासी रामपाल के चार बेटे और चार बेटियां हैं। आरोपी दंपती ने कहा कि रामपाल और उसकी पत्नी अपनी आठवीं संतान चार माह के दीपू का ठीक से ख्याल नहीं रख पाते थे।
आरोपियों ने कहा कि बच्चा अक्सर उनके पास रहता था और वहीं उसकी परवरिश करते थे, जिससे लगाव हो गया। लगाव होने और खुद की संतान न होने के कारण पालन के लिए उसे अपने साथ लेकर चले गए थे।
पश्चिम बंगाल पहुंची पुलिस ने मुमताज की मां रेखा से पूछताछ की। तब पता चला कि रेखा देवी और उसके पति प्रकाश दास के पांच बच्चे सूरज दास, आकाश दास, बादल दास, चांद दास और उम्रदास हैं। इसके अलावा ये भी पता चला कि प्रकाश दास ने रेखा देवी को छोड़ दिया था। उसने 2 साल पहले साहेब दास नाम के व्यक्ति से शादी कर ली।
मजदूर दंपती के चार माह के बच्चे सकुशल बरामद करने के लिए वाकई मेहनत की है। पुलिस की टीम बच्चे की तलाश में पश्चिम बंगाल पहुंची हौर हावड़ा में आरोपी दंपती के बारे में पता किया। यहां आरोपी की मां ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा नागपुर में रहता है। इसके बाद टीम ने पश्चिम बंगाल से ही नागपुर के लिए हवाई जहाज से रवाना हो गई थी। इसके बाद ही पुलिस को सफलता मिल पाई।