रविवार को यहां एक कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के बाद अब अनुच्छेद 370 और नागरिकता कानून वापल लेने की बात की जा रही है। जो लोग यह मांग कर रहे हैं, वे जानते हैं कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) नागरिकता देने का कानून है, नागरिकता छीनने का नहीं।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सीएए नागरिकता देने का कानून है, छीनने का नहीं।
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रविवार को यहां एक कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले के बाद अब अनुच्छेद 370 और नागरिकता कानून वापल लेने की बात की जा रही है। जो लोग यह मांग कर रहे हैं, वे जानते हैं कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) नागरिकता देने का कानून है, नागरिकता छीनने का नहीं।
गौरतलब है कि किसान आंदोलन को देखते हुए केंद्र सरकार ने तीन कृषि सुधार कानून वापस लेने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा था कि वे आगामी संसद सत्र में इसकी कार्यवाही पूरी कर देंगे। इस घोषणा के बाद विभिन्न वर्गों में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लगाने और सीएए रद्द करने की मांग की जाने लगी है।
नकवी इससे पहले शनिवार शाम को रामपुर पहुंचे थे। शंकरपुर स्थित अपने आवास पर नकवी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह चुनाव दंगों और दबंगों से मुक्त विकास और सुरक्षा से युक्त व्यवस्था को कायम करने के लिए है। उत्तर प्रदेश के चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें भारतीय जनता पार्टी जीतेगी और फिर से सरकार बना कर सुशासन और समावेशी विकास के संकल्प को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि कई परिवारों की विरासत और दबंगों की सियासत वाले लोग बेचैन और बौखलाए हुए हैं और उन्हें लग रहा है कि जिन दबंगों और दंगों की सीढ़ियां चढ़कर सियासत करते रहे हैं, वे सीढ़ियां अब बेकार हो गई हैं।